एसटीएफ ने रचा कुछ ऐसा ‘खेल’ कि लक्खा इनामी सचिन ‘फेल’, शातिर लुटेरा मुठभेड़ में हुआ ढेर

लखनऊ। विभूति खंड में एमिटी कॉलेज के सामने रविवार को दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट सुन कर लोग भागने लगे। खाकी में कोई नहीं था लेकिन गोलियां दोनों तरफ से चल रही थी। फायरिंग बंद होने पर स्पष्ट हुआ कि सादे वेश में रही एसटीएफ टीम पर गोली चला कर भागने की कोशिश करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक लाख रुपये का इनामी सचिन पांडे था। मूल रूप से नियामताबाद (आजमगढ़) निवासी सचिन पूर्वांचल क एक कुख्यात लुटेरा था। कई जनपदों में आतंक का पर्याय सचिन बिहार तक सुपारी मिलने पर वारदात को अंजाम देने के लिए जाता था।

चंद वर्षो में फैला रखी थी दहशत

आजमगढ़ पुलिस ने महज चार साल पहले ही सचिन को अपने रिकार्ड में माफिया गैंग डी-16 का सरगना घोषित किया था। निजामाबाद में 2013 में एक मस्जिद के मुतवल्ली की हत्या के बाद जरायम की दुनिया में आने के बाद बाद लूट और रंगदारी के लिए सचिन ने कई हत्याओं को अंजाम दिया। इसी वर्ष दुस्साहसिक ढंग से तत्कालीन एएसपी के हमराही को भी गोली मारकर फरार होने वाले सचिन के विरुद्ध विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक लूट, हत्या आदि के मुकदमे दर्ज हैं।

सटीक सूचना पर हुई कार्रवाई

आजमगढ़,अंबेडकरनगर,मऊ और आसपास के इलाकों में संगीन वारदात कर लखनऊ में ठिकाने बनाने वाले सचिन के बाबत एसटीएफ को खास इनपुट मिले थे। इसके आधार पर फोर्स ने घेराबंदी कर उसे आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन फायरिंग कर भागने के फेर में वह गोलियों का निशाना बन गया।

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