कोर्ट के बाहर खड़े हो कर तीन बार बोला तलाक, पीड़िता की तहरीर पर रपट दर्ज कर पुलिस ने किया गिरफ्तार

बलिया। तीन तलाक को लेकर संसद के दोनों सदनों से बिल पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी से इसे कानून का रूप दिया जा चुका है। बावजूद इसके अब भी महिलाओं को इससे राहत नहीं मिल पा रही है। ताजा मामला शहर कोतवाली का है जहां पर कोर्ट के बाहर खड़े हो कर महताब आलम नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी कन्नीज फाजिमा को तीनबार तलाक कह कर संबध खत्म कर लिये। नतीजा, पीड़िता की तहरीर पर तीन तलाक कानून बनने के बाद पहला मुकदमा पंजीकृत हो गया है। कोतवाली पुलिस आरोपित शौहर की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

अरसे से कर रहा था पत्नी कोप्रताड़ित

कन्नीज फातिमा निवासिनी चोरकण्ड (बांसडीह) का निकाह रिश्ते के ही महताब आलम के साथ 6 मई 2004 को हुआ था। कन्नीज का कहना है कि शौहर नशा समेत तमाम बुरी आदतों की गिरफ्त में था। निकाह के तीन माह के अंदर ही उसने कन्नीज के सारे जेवरात बेचकर शराब आदि में उड़ा दिया और उसको मारने पीटने लगा। शौहर दहेज लाने के लिये प्रताड़ित करने लगा और उसके घरवाले भी दहेज लाने के लिये मारने पीटने लगे। कन्नीज ने दहेज के लिये हो रहीप्र ताड़ना की बात जब अपने पिता से कही तो वे समय समय पर महताब को कुछ रकम देने लगे। इसी बीच 2006 मे कन्नीज ने अमन आफताब और युरुज महताब नामक जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। बावजूद इसके महताब और उसके परिजनों का व्यवहार नही बदला। दुर्भाग्य ने एक बार फिर कन्नीज पर कहर बरपाया और इससे पिता का साया छीन लिया।

मुकदमा कायम कराने पर थाक्षुब्ध

दर असल सितम सहने की हदपार हो गयी और शौहर ने तीन तलाक कह कर घर से बच्चों समेत निकाल दिया तो कन्नीज ने बांसडीह कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगायी। यहां दहेज उत्पीड़न का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया। इसी मुकदमे की पैरवी में महताब बलिया आया था जहां कोर्ट के बाहर एक बार फिर तलाक तलाक तलाक कहकर अपनी पत्नी को आजाद कर दिया। पीड़िता अपने नाबालिग पुत्र और पुत्री के साथ बलिया स्थित अपनी बहन के घर रहकर न्याय के लिये आला अफसरों की चौखट पर गुहार लगा रहीहै।

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