मीरजापुर। किसानों तो लेकर केन्द्र और प्रदेश सरकार ने थैली खोल रखी है। उन्हें लाभ देने की खातिर सर्मर्थन मूल्य बढ़ा दिया है। बावजूद इसके लाभ किसान को नहीं मिल रहा है बल्कि बिचौलिये और कर्मचारी उठा ले रहे है। जनपद में चावल घोटाले के बाद गेहूं खरीद में भी भारी घोटाला पकड़ा गया है। क्षेत्रीय विपणन निरीक्षकों की जांच में स्पष्ट हुआ कि कुछ किसानों हजार कुंतल तक की खरीद की गयी है। किसानों की खतौनी पर दर्ज मोबाइल पर सम्पर्क किया गया तो स्पष्ट हुआ कि उन्होंने तो गेहूं बेचा ही नहीं है। गड़बड़ी पकड़े जाने पर खाद्य विभाग के क्षेत्रीय विपणन निरीक्षकों ने किसानों से गेहूं खरीद में भारी गड़बड़ी करने के आरोप में दो समितियों के केंद्र प्रभारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत रपट दर्ज करायी है।

हेराफेरी करने में शासन के आंकड़े तक नहीं देखे

चावल घोटाले में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारी अब गेहूं खरीद मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहे है। हाल ही में डिप्टी आरएमओ अजीत कुमार तिवारी के सामने जब हलिया ब्लाक के अदवा स्थित ओम उपभोक्ता सहकारी समिति से खरीदे गए गेहूं का रिकार्ड प्रस्तुत किया गया तो वह सकते में रह गए। अदवा निवासी देवेंद्र कुमार सिंह व अनन्त सागर से एक-एक हजार कुंतल गेहूं खरीदा गया था। गेहूं उत्पादन का यह आंकड़ा शासन के उत्पादन के आंकड़े से मिल नहीं खा रहा था। उन्होने तत्काल मामले की जांच लालगंज के क्षेत्रीय विपणन निरीक्षक मानचंद को सौंप दिए। उन्होने जब ओम उपभोक्ता सहकारी समिति के खरीद रजिस्टर की जांच की तो पता चला कि अदवा निवासी देवेंद्र कुमार सिंह व अनन्त सागर से एक-एक हजार कुंतल गेहंू खरीदा गया है। इसके अलावा अन्य किसानों से भी 80 से 90 कुंतल गेहूं प्रत्येक किसान से खरीदा गया था। उन्होने जब संबंधित किसानों के मोबाइल नम्बर पर बात कर भूमि का रकबा और गेहंू उत्पादन के संबंध में ब्योरा मांगा तो मामला खुल गया। किसी ने भी रजिस्टर में दर्ज गेहूं की मात्रा समिति को बेंचना स्वीकार नहीं किए। उन्होने समिति के केंद्र प्रभारी फूलचंद व अन्य आधा दर्जन अज्ञात बिचौलियों के खिलाफ हलिया थाने में रपट दर्ज करा दिए।

कई स्थानों पर हुआ है गोरखधंधा

दूसरी तरफ मुख्यालय के क्षेत्रीय विपणन निरीक्षक पीपी ने जब साधन सहकारी समिति खम्हवा जमती की जांच की तो पता चला कि इसी गांव की आशा देवी से पांच बार में 1489 कुंतल, पुनीत से चार बार 1100 कुंतल, सीताराम से 422 कुंतल, गीता देवी से पांच बार में 706 कुंतल व सुषमा देवी से छह बार में 594 कुंतल गेहूं खरीदा पाया गया। उन्होने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गहरायी से जांच की तो पता चला कि इन किसानों के यहां इतना गेहूं का उत्पादन ही नहीं हुआ था। उन्होने चुनार कोतवाली में केंद्र प्रभारी सूर्यबली व अज्ञात बिचौलियों के खिलाफ 419,420 समेत आईपीसी की अन्य धाराओं में रपट दर्ज करा दिए। उन्होने इसकी रिपोर्ट डिप्टी आरएमओ, आरएफसी को भेज दी है।

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