गंगा आरती से कोरोना पर विजय पाने का विशेष अनुष्ठान, दो दशक बाद विशेष आरती के लिए खुद उतरे ‘बाबू महाराज’

वाराणसी। कोरोना ने जहां समूचे पृथ्वी के निवासियों को अपने खौफ से डरा रखा है तो दूसरी तरफ शिव की नगरी काशी भी इससे इतर नहीं है। आलम यह है कि यहाँ के सभी देव स्थान सहित नित्य होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भी पर्यटको सहित श्रद्धालुयों के आवाजाही पर पूरी तरह से रोक है। गंगोत्री सेवा समिति द्वारा गुरुवाक को इस वैश्विक महामारी पर विजय प्राप्त करने हेतु विशेष आरती आयोजित किया गया। काशी में गंगा आरती के सूत्रधार और दशाश्वमेध घाट पर नित्य आरती संपादित कराने वाले प.किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ ने दो दशक बाद आज माता रानी गंगा से अनुनय हेतु स्वयं गंगा आरती किया।

असंख्य दीप प्रवाहित हुए गंगा में

गंगा आरती के पूर्व गंगा मइया का विधि पूर्वक षोड्षोपचार पूजन के पश्चात विशेष पूजन सम्पन करने के साथ गंगा के जल प्रवाह में असंख्य दीप भी प्रवाहित की गयी। गुरुवार की गंगा आरती विश्व पर आये इस संकट से निजात और विश्व शांति के लिए समर्पित रहा। यह बात दीगर है कि इससे पहले होने वाली विशेष आरती में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहते थे लेकिन घाट पूरी तरह से खाली दिखा।

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