सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड:156 पर भारी पड़ी 18 की गवाही, ट्रायल कोर्ट ने करवरिया बंधुओं को दोषी माना

प्रयागराज। लगभग ढाई दशक पहले सपा विधायक जवाहर यादव ‘पंडित’ समेत तीन की हत्या के मामले में फैसले की घड़ी आ गयी है। गुरुवार को ट्रायल कोर्ट ने आरोपित करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को हत्या के मामले में दोषी करार दिया। अब ट्रायल कोर्ट चार नवंबर को दोषियों को सजा का एलान करेंगी। इससे पहले एडीजे कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद 18 अक्टूबर को ही फैसला सुरक्षित कर लिया था। खास यह कि हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया,भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया तथा एक अन्य भाई पूर्व एमएलसी सूरज भान करवरिया के किलाफ चल रहे इस मामले को वापस लेने की योगी सरकार ने संस्तुति की थी लेकिन कानूनी लड़ाई लड़ रही पूर्व विधायक पत्नी विजमा यादव ने हाइकोर्ट में इसे चुनौती दी जिसके बाद मुकदमा चला।

पहली बार प्रयागराज में गरजी थी एके 47

गौरतलब है कि 13 अगस्त 1996 की शाम 7 बजे सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और काफी हाउस के बीच एके-47 राइफल से कार पर अंधाधुंंध गोलियां बरसायी गयी थी। दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर असलहे लहराते हुए वहां से भाग निकले। निशाना जवाहर यादव को बनाया गया था लेकिन उनके साथ ड्राइवर गुलाब यादव और वहां से गुजर रहा राहगीर कमल कुमार दीक्षित गोलियों की जद में आकर मौके पर दम तोड़ चुुके थे। बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान दर्ज कराये गये थे जबकि करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था।

पत्नी हैं मेजा से भाजपा विधायक

करवरिया परिवार की पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही भी भाजपा से निकटता बढ़न ेलगी थी जिसका नतीजा नीलम करवरिया को मेजा से टिकट मिला और उन्होंने जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद जब सूबे में योगी सरकार बन गयी तो करवरिया बंधुओं के खिलाफ दर्ज जिन मामलों को वापस लिय उसमें पंंडित हत्याकांड भी था। जवाहर यादव की पत्नी पूर्व विधायक विजमा यादव ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। हाइकोर्ट ने मुकदमा चलाने के निर्देश दिये। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आरोपितों को दोष सिद्ध करार दिया गया है।

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