चंदौली। सदर कोतवाली के बसन्तपुर व विसुन्दरी गांव के दो पक्षों के बीच 7 दिसंबर की शाम हुई मारपीट का मामला तीन हफ्ते बाद एक बार फिर से तूल पकड़ रहा है। इलाज के दौरान मारपीट में जख्मी छोटू यादव (45) की मौत के मामले में आरोपितों की अभी तक गिरफ्तारी न होने का आरोप लगाते हुए बुधवार की दोपहर सकलडीहा के सपा विधायक प्रभु नारायण यादव सहित बड़ी संख्या में सपाई एसपी आफिस में धरने पर बैठ गये। उनका आरोप था कि पुलिस एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए हमलावरों को बचा रही है। इसकी जानकारी मिलने पर सपाई वहां जुटने लगे और पुुलिस से नोंक-झोक भी हुई। डीएम हेमंत कुमार ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए दो दिनों में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।

क्या था पूरा मामला

बताया जाता है कि 7 दिसंबर को भाजपा नेता प्रमोद का पुत्र वाहन से जा रहा था। हार्न देने पर भी रास्ते से न हटने को लेकर कहासुनी हुई जिस पर कुछ लोगों नेउसे पीट दिया। इस पर फोन कर युवक ने परिवारवालों को बुला लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गयी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस कुछ लोगों को पकड़ कर थाने ले आयी। इसके बाद लौट रहे छोटू यादव व अन्य को प्रमोद के भाई के संग मौजूद लोगों ने घेर लिया। कहासुनी में किसी ने लाठी से वार किया जो छोटू के सिर पर लगा। पुलिस ने छोटू को बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचाया जहां 20 दिसम्बर को इलाज के दौरान छोटू यादव की मौत हो गयी। भाई ने लंका थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी जिसे चंदौली भेजा गया और आईपीसी की धारा 308 का मुकदमा कायम होगया। उधर 21 दिसम्बर को गांव में पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा तो ग्रामीणों धरना दिया। एसपी संतोष कुमार सिंह ने 48 घण्टे में कार्यवाही का आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा न होने पर सपा विधायक के नेतृत्व में धरना शुरू हो गया।

पुलिस कर रही है कार्रवाई

इस बाबत एसपी चंदौली का कहना है कि लंका थाने मे जो तहरीर मृतक के भाई ने दी थी उसमें दर्शाया था कि दो पक्षो के बीच विवाद में बीच-बचाव करते हुए लाठी लगी थी। बाद में मृतक की पत्नी की तरफ से एक दूसरा हलफनामा दिया गया। पुलिस तथ्यों की जांच कर रही है और वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

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