वाराणसी। तेन्द्र और प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के चुनाव को लेकर जहां सपा सीएम से लेकर डीएम पर तमाम आरोप लगा रही है तो इसके पीछे एक चर्चित नेता का परिवार नजर आ रहा है। मोदी ही दूसरे देश के पीएम के स्वागत में होर्डिंग बैनर लगवाने वाले नेता की स्थिति संदेह के दायरे में है क्योकि किसी और नहीं बल्कि उनके भाई का आरोप है कि नियम विरुद्ध तरीके से चुनाव स्थगित कर सत्ताधारी दल के दबाव के आगे डीएम वाराणसी ने घुटने टेके हैं। खास यह कि सरकारी गनर से दूसरी ‘सुविधाएं’ पाने के अलावा सीएम के कार्यक्रम को लेकर सुर्खियों में रहे वाले भाजपा नेता की पत्नी को ही इस पद पर बैठाने की तैयारी थी।

सपा ने लगाये हैं गंभीर आरोप

सपा का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आहूत जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड वाराणसी के प्रबन्धन समिति का प्रस्तावित चुनाव सत्ता पक्ष के भारी दबाव के कारण डीएम वाराणसी द्वारा अनावश्यक रूपसे नियमविरुद्ध तरीके से मंगलवार को टाल दिया गया जिसके कारण हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गयी। पिछले दिनों सम्पन्न जिला सहकारी फेडरेशन लिमिटेड वाराणसी के सदस्यों के चुनाव में कुल 13 में से 12 सदस्य विपक्षी दलों से निर्विरोध निर्वाचित हुएं जिसका परिणाम यह रहा कि सत्ताधारी दल भाजपा की स्थिति जिला योजना के चुनाव की भांति सांप छछूंदर वाली हो गयी। जिसमें 13 के 13 सदस्य संयुक्त विपक्ष के चुन लिए गए थे और भाजपा कहीं मुंह दिखाने लायक नही बची थी। वर्तमान चेयरमैन जिला सहकारी बैंक अजय राय ने कहा कि आज 13 नवनिर्वाचित सदस्यों के द्वारा प्रबन्धन समिति का चुनाव होना था जिसमें संभावित करारी पराजय को देखते हुए सत्ताधारी दल के राजनेताओं के दबाव में डीएम ने चुनाव को नियमविरुद्ध तरीके से स्थगित कर सत्ताधारी दल के आगे घुटने टेके जोकि घोर निंदनीय होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना भी हैं। इससे नाराज सदस्यों ने तत्काल मुख्यनिर्वाचन आयुक्त उप्र राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर अतिशीघ्र नई तिथि घोषित कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुपालन में नियम के तहत चुनाव सम्पन्न करने की मांग किया है। सपा के जिला-महानगर कार्यालय पर सम्पन्न आकस्मिक बैठक में निर्वाचन अधिकारी द्वारा इस षड्यंत्रकारी तरीके से चुनाव को बाधित करने की प्रक्रिया को लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कृत्य घोषित करते हुए कड़े शब्दों में निंदा की गई।

आंदोलन की दी चेतावनी

बैठक की अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष डा. पीयूष यादव ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी सीआरओ द्वारा खराब स्वास्थ्य के कारण एक दिन के अवकाश के कारण अनुपस्थित होकर चुनाव की प्रक्रिया को बाधित कराना सीधे सीधे साबित करता है कि पूरा का पूरा जिला प्रशासन सत्ताधारी दल के राजनेताओं के हाथ की कठपुतली बन अपना नैतिक विवेक व कर्तव्य भूल चुका है। महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा यदि अतिशीघ्र नियमानुसार इस चुनाव को नही सम्पन्न कराया जाता तो मजबूरन जनहित में डीएम कार्यालय पर हल्लाबोल-पोलखोल जन आंदोलन के माध्यम से विशाल धरना प्रदर्शन किया जायेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इसमें मुख्यरूप से प्रदीप जायसवाल, राजकुमार सिंह, सुरेंद्र कुमार, ऋतुराज सिंह, रमेश राजभर, देवेन्द्र भारती, जयप्रकाश राय, घनश्याम चौरसिया एडवोकेट, श्रीमती मधु सिंह, ताराशंकर सिंह, ओमप्रकाश राय, चन्द्रमा, श्रीमती मुक्ता राय आदि शामिल रहे।

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