सोनभद्र। यह तस्वीर सबूत है कि जिले में अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है। नियम और कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खनन माफिया के आगे पुलिस-प्रशासन बेबस दिख रहा है और इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है। खदानों में खुलेआम बड़े पैमाने पर चल रहीं पोकलेन मशीनें डीएम, खनन विभाग और शासन के लोगों को नहीं दिख रहा है। नाव से बालू निकालकर आधा दर्जन पोकलेन मशीनों से लोडिंग का काम बदस्तूर जारी है।

कहां गया शासन का दावा

मुख्यमंत्री ने अपने कड़े आदेश में कहा था कि अवैध खनन नहीं होने देंगे। साथ ही ई-टेंडरिंग में हुए बालू के खनन पट्टा में स्पष्ट रूप से लिखा है कि किसी भी सूरत में खदानों में पोकलेन मशीन का संचालन नहीं होगा। अगर कोई ऐसा करते पाया जाता है तो उसकी खदानें निरस्त कर दी जाएंगी। इसके बाद भी पोकलेन मशीन से खुलेआम बालू खनन होने से शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह् खड़ा हो गया है। ई-टेंडरिंग के नियमानुसार खदानों में पोकलेन मशीन का प्रयोग नहीं कर सकते। इस नियम का उल्लंघन करने वाले खदानों की एनओसी कैंसिल की जा सकती है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन आखें मूंदे है। अब तो यह भी चर्चा जोर पकड़ रही है कि बालू खनन में पोकलेन मशीनों के इस्तेमाल पर जनपद के विधायक व सांसद आखिर क्यों मौन हैं?

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