सोनभद्र-: दुद्धी विधान सभा (सुरक्षित) की पूर्व विधायक रूबी प्रसाद को कोर्ट का करारा झटका लगा है। आरोप है कि सामान्य जाति की होते हुए उन्होंने कूट रचित दस्तावेज के सहारे सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। यह मामला जब जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जाति शिकायत निस्तारण समिति के समक्ष लाया तभी से सुर्खियों में है। इस मामले को जब स्थानीय पत्रकार विवेक कुमार पाण्डेय ने सोशल मीडिया में वायरल किया तो रूबी प्रसाद आग बबूला हो गई। फोन पर एस.सी.एस.टी. सहित तमाम संगीन मुकदमों में फंसाने की धमकी दे डाली। सत्ता पक्ष की विधायक की धमकी से पीड़ित पत्रकार ने इसकी गुहार लिखित रुप में आला अधिकारियों से की। इसके बावजूद उसे कई मुकदमों में फंसा दिया गया।

अदालत की शरण में पहुंचा पत्रकार

भुक्तभोगी पत्रकार शासन-प्रशासन से इंसाफ की फरियाद करता-करता थक गया। विवश होकर उसने न्यायिक प्रशासन की चौखट पर फरियाद की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय सोनभद्र में पीड़ित ने परिवाद संख्या- 1922/2016 दाखिल किया। जिसमें कोर्ट ने पूर्व विधायक रूबी प्रसाद को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक पत्रकार को उसके फर्ज को अंजाम देने से रोकने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का और साजिश रचने के आरोप में सम्मन जारी कर कोर्ट में तलब होने का आदेश जारी किया है।

पत्रकार ने पूर्व विधायक के खिलाफ दिखाए सबूत

विवेक कुमार पाण्डेय ने दुद्धी की पूर्व विधायक रूबी प्रसाद के जाति प्रमाण पत्र को लेकर तमाम साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। उक्त साक्ष्य चीख-चीखकर पूर्व विधायक रूबी प्रसाद को गुनाहगार और श्री पाण्डेय को बेगुनाह साबित करते हैं। एक पत्रकार को उसके फर्ज से रोकने और शासन-सत्ता के दुरुपयोग की सूबे में ऐसी नज़ीर देखने को नहीं मिलती। जैसा सपा शासनकाल में किया गया। अखिलेश सरकार ने संविधान के चौथे स्तम्भ को जमींदोज करने का सिलसिला चर्मोत्कर्तष पर पहुंच गया था। समय की शिला पर खड़ी जनता न्यायवादी लोकप्रिय योगी सरकार से इंसाफ की बाट जोह रही है।

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