तो इसलिये बंट रहे थे चिकन और एग के बने ‘व्यंजन’, जन जागरूकता की खातिर उठाया गया यह ‘कदम’

वाराणसी। समूचे विश्व में ‘करोना’ वायरस को लेकर जो पहली खबर वायरल हुई वह ‘जंतुओं’ के भोजन के चलते हुई बीमारी की थी। इसके बाद रोहनिया इलाके में कौवों की अचानक होने वाली मौत से ‘बर्ड फ्लू’ का हल्ला मचा। नतीजा, मांसाहार करने वाले लोगों ने चिकन ही नहीं बल्कि मुर्गी के अंडे तक से दूरी बना ली। कारोबार बैठने लगा क्योंकि बड़ी संख्या में माल पोल्ट्री फार्म में तैयार था लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए शनिवार को ईस्‍टर्न पोल्‍ट्री समि‍ति‍ की तरफ से परेड कोठी इलाके में पांच कुंतल चि‍कन भोज का आयोजन कि‍या गया। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. वीबी सिंह अपनी टीम के साथ मौजूद ही नही रहे बल्कि उन्होंने खुद इसे खाकर लोगों की भ्रांतिया दूर करने की कोशिश की।

पोल्ट्री फार्म से दुकानों तक छाया था सन्नाटा

पिछले कुछ दिनों से अफवाह फैलाई गयी थी कि‍ मुर्गों में भी बर्ड फ्लू फैल गया है। इ‍सका बाकायदा खंडन मुख्‍य पशु चि‍कि‍त्‍साधिकारी की तरफ से कि‍या गया था। बावजूद इसके लोगों ने चि‍कन से दूरी बना ली थी। इसके बाद समि‍ति‍ ने लोगों इस भोज का आयोजन कि‍या जिससे‍ लोगों में बर्ड फ्लू को लेकर फैली भ्रांति‍ को दूर कि‍या जा सके। इस खातिर आयोजित मेले में चिकन से संग अंडे के जायकेदार लजीज खानों की स्टाल लगायी गई जिसमें लोगों को जानकारी देने के साथ इन व्यंजनों का स्वाद भी चखाया गया।

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