चंदौली। मामूली तकरार या गलतफहमियों को लेकर रिश्तों में आयी खटास बढ़ी तो दम्पति अलग रहने लगे। कुछ समय के बाद स्थिति यह हुई कि मामला थाने पहुंच गया जहां से कोर्ट जाने की औपचारिकता शेष थी। अपनी छवि से इतर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया ही नहीं बल्कि समझा-बुझा कर एक-दूसरे से मिलाया। एसपी चंदौली संतोष सिंह ने ऐसा करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया। इसमें महिला थाना प्रभारी श्रीमती सुनीता सिंह तथा उनकी टीम कांस्टेबिल सुषमा यादव व सविता हैं जिनके द्वारा द्वारा 65 बिछडे हुए जोडों (पति-पत्नी) जो फिर से एक किया था। इसी तरह प्रभारी महिला सहायता प्रकोष्ठ की एसआई प्रमिला यादव तथा उनकी टीम की कांस्टेबिल कौशल्या देवी तथा सरिता सिंह के द्वारा 10 बिछडे हुए जोडों(पति-पत्नी) को समझा-बुझा कर एक दूसरे से मिलाया गया उनके इस कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक चन्दौली द्वारा प्रशस्ति पत्र व नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

एसपी ने अधीनस्थों से किया संवाद

इसके साथ एसपी ने महिला हेल्प लाइन के साथ-साथ अन्य हेल्प लाइनों के सम्बन्ध में भी अधीनस्थों को जागरुक किया। जिले के विभिन्न थानों पर नियुक्त एंटी रोमियों स्क्वाड , पुलिस आफिस में स्थित महिला सहायता प्रकोष्ठ व महिला थाना तथा पुलिस कार्यालय में नियुक्त महिला कर्मियों से संवाद किया गया तथा महिला समस्या से सम्बन्धित विभिन्न आयामों तथा संवेदनशीलता के प्रति प्रेरित किया गया। डीजीपी के निर्देश पर जिले की महिला पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनको महिलाओं की समस्याओं के बारे में संवेदनशील बनाने के लिए यह आयोजन हुआ था।

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