पीड़िता का आरोप सिपाही पुत्र ने किया दुष्कर्म का प्रयास, सारनाथ पुलिस की सफाई दी गयी तहरीर पर हो रही ‘कार्रवाई’

वाराणसी । सारनाथ रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित शक्तिपीठ आश्रम के समीप रहने वाली 20 युवती के साथ दुष्कर्म प्रयास का मामला प्रकाश में आया है। आरोपित इसी थाने में लंबे समय तक तैनात रह चुके दीवान का पुत्र हैै। पीड़िता के मुताबिक पहली जुलाई को दिन में 10 बजे वह पालतू बकरियां लेकर चराने जा रही थी। सुनसान और एकांत देख कर इसी गांव का रहने वाला सेवानिवृत्त सिपाही का पुत्र छोटू यादव उससे छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने लगा। युवती ने इन हरकत का विरोध किया तो बलपूर्वक जमीन पर पटक कर बलात्कार करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर उसके कपड़े फाड़ दिए और सफल न होने पर उसे बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर दिया।

मामले को ‘मैनेज’ करने का प्रयास

घटनाखरम के दौरान आरोपित लगातार पीड़िता को उसे जान से मारने की धमकी देता रहा। चीख पुकार सुनकर आसपास की महिलाएं जब आई तब उसकी इज्जत बच सकी। फटे हुए कपड़ों में अस्त-व्यस्त घायलावस्था में पीड़िता अपनी मां के साथ थाना सारनाथ पहुंची तो उसके बयान पर घटना को मुंशी ने सिर्फ गाली गलौज की घटना संदर्भित कर एक लाइन का एनसीआर दर्ज कर लिया गया जबकि घटना का पुलिस की मौजूदगी में मेडिकल भी कराया गया है। आरोप है कि पीड़िता के थाने पर पहुंचने से पहले ही छोटू यादव के सेवानिवृत्त दीवान पिता सुदामा यादव मौजूद थे। उनके इशारे पर पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने के इरादे से लीपापोती करने का प्रयास कर रही है। वारदात को पांच दिन व्यतीत हो गए कप्तान सहित तहसील समाधान दिवस में फरियाद करने के बावजूद भी प्रकरण में पुलिस ने अब तक मुकदमा कायम कर दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। पीड़िता और उसके परिजनों को लगातार धमकाया जा रहा है। पीड़िता और उसके परिजन के जान को गंभीर खतरा है।

बाद में बदली गयी तहरीर

इस बाबत सारनाथ पुलिस का कहना है कि पीड़िता की तरफ से पहले दिन जो तहरीर दी गयी उसमें महज मामूली मारपीट का लिखित रूप से विवरण दिया गया है। बाद में इस मामले को दूसरा रूप देने का प्रयास किया जा रह है। आरोपित की तलाश की जा रही है लेकिन अब तक वह नहीं मिला है। दो पक्षों के विवाद को राजनैतिक रूप देने की कोशिश हो रही है। दूसरी तरफ इस घटना का संज्ञान लेते हुए आॅल इंडिया यूनाइटेड विश्कर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है इससे विश्वकर्मा समाज में काफी गुस्सा और आक्रोश है। यदि शीघ्र दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही नहीं होती है तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा।

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