सरकारी धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा, मुश्किल में अन्नदाता

भदोही। उत्तर प्रदेश में सरकार ने किसानों से धान खरीदने की शुरुआत एक नवम्बर से शुरू कर दिया है लेकिन इसके बावजूद भदोही जिले के धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ। बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण धान की फसल तैयार होने में देर हो चुकी है जो केंद्रों पर सन्नाटे की मुख्य वजह है। धान की फसल अभी भी खेतो में खड़ी है जिसके सूखने का किसान इंतजार कर रहे हैं तो वहीं शादी विवाह के शुरू होने वाले सीजन से उन किसानों के उम्मीदों को झटका लगा है जो धान बेचकर इससे अपने खर्चो को पूरा करते। अधिकारियों के मुताबिक अभी 15 दिन बाद ही केंद्रों पर किसानों की आवाजाही बढ़ेगी। 
क्यों पसरा जी केंद्रों पर सन्नाटा
किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले इसके लिए भदोही जिले में धान की खरीद के लिए 38 क्रय केंद्र बनाए गए हैं जिसके माध्यम से 86900 मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य भी तय किया गया है। तीन हजार से अधिक किसानों ने अपना धान बेचने के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। और सभी केंद्रों को एक नवम्बर से शुरू भी कर दिया गया है लेकिन आप जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित पाली धान क्रय केंद्र पर सन्नाटा पसरा हुआ है और जिले के अधिकतर केंद्रों का यही हाल है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि भारी बारिश के वजह से धान की फसल तैयार होने में देर हो चुकी है। बारिश के कारण फसलों में नमी आ गयी और फसल न सूखने के कारण धान खेतो में ही खड़ी है। किसान अब कटाई कर रहे हैं लेकिन कटाई से लेकर दँवाई में अभी 10 से 15 दिन का और वक्त लगेगा तब जाकर किसान अपनी फसल बेच सकेंगे। फसल में देर होने के कारण किसानों का बजट गड़बड़ हो गया है और उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
फसल पकने में हुई देरी बना कारण
कृषि विभाग के मुताबिक धान के बोआई के समय बरसात काफी लेट होने के कारण देर से फसल की बोआई शुरू हुई और बीते सितम्बर में 900 एमएम की बरसात होने के कारण फसल भीग गए। इससे फसल समय तैयार होने में देरी हुई इसके साथ ही बारिश के करण धान के फसल में कटुआ रोग भी लगने लगे। खरीद को लेकर एक मानक है कि किसी तरह के रोगजनित धान की खरीद नही होगी तो दो कारण हैं जिसमे एक देर से फसल तैयार का तैयार होना भी है इसके कारण किसान अभी क्रय केंद्रों पर नही दिखा रहे हैं लेकिन आगे यह संख्या बढ़ जाएगी। 

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