वाराणसी। तीन दशक से अधिक पुराने बहुचर्चित सिकरौरा कांड के मामले में शुक्रवार को आरोपित एमएलसी बृजेश सिंह को शिवपुर सेंट्रल जेल से लाकर पुलिस ने विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) राजीव कमल पांडेय की अदालत में पेश किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान धारा 313 के तहत आरोपित का बयान दर्ज हुआ। तत्पश्चात अदालत ने अपने कथन के समर्थन में साक्ष्य देने के लिए आरोपित को निर्देश दिये तथा मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तिथि मुकर्रर कर दी। अदालत द्वारा अग्रिम तिथि नियत होने के पश्चात आरोपित को लेकर पुलिस जेल चली गई।

दूर दराज से पहुंचे थे समर्थक

इस बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या असर माना जाये या मामले से जुड़ी उम्मीद लेकिन शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में बृजेश के समर्थक जुुटे थे। जिला और पूर्वांचल छोड़िये दूसरे प्रांतों तक से भी लोग आये ही नहीं थे बल्कि चेहरा दिखाने की होड़ में शामिल थे। भतीजे विधायक सुशील सिंह खुद तो नहीं आये थे लेकिन उनसे जुड़े लोग दर्जनों की संख्या में मौजूद थे। अलबत्ता दूसरे भतीजे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह डाक्टर आये थे। जेल से लेकर कचहरी के अलग-अगल स्थानों पर समर्थकों ने डेरा जमाया था।

निस्तारण की तरफ बढ़ रहा मामला

गौरतलब है कि 9 अप्रैल 1986 की आधी रात में बलुआ थाना क्षेत्र के सिकरौरा गांव में तत्कालीन ग्राम प्रधान रामचंद्र यादव और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में फरार होने के चलते बृजेश की फाइल अलग कर दी गयी थी। हाईकोर्ट के आदेश पर त्वरित सुनवाई आरम्भ हुई है।

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