वाराणसी। बहुचर्चित सिकरौरा कांड की पेशी में भारी पुलिस फोर्स हमेशा से लगती है। पुलिस के घेरे में किसी को आते देख लोग समझ जाते हैं माफिया से माननीय बने एमएलसी बृजेश सिंह पेशी पर आ रहे हैं। बावजूद इसके मंगलवार को कुछ दूसरा ही मंजर देखने को मिला। भारी संख्या में फोर्स थी जिसकी अगुवाई डिप्टी एसपी कर रहे थे लेकिन यह एमएलसी नहीं थे। उनके खिलाफ गवाही देने के लिए वादिनी हीरावती पूरे सुरक्षा के साथ कोर्ट पहुंची थी। बावजूद इसके गवाही नहीं हो सकी। दूसरी तरफ बृजेश की तरफ से मेडिकल आया था जिसमें बीमारी का वास्ता दिया गया था। कोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 16 दिसंबर नियत की है। हीरावती और बृजेश का आमना-सामना नहीं हुआ और कड़ी सुरक्षा के बीच वह लौट गयी।

बचाव पक्ष का प्रार्थनापत्र खारिज

कोर्ट में बचाव पक्ष की तरफ से प्रार्थनापत्र दिया गया था जिसमें इस मामले में दूसरे सभी आरोपितों के बरी होने का वास्ता देते हुए इस मामले से दोषमुक्त किये जाने का हवाला दिया गया था। दोपहर बाद सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। मामले को लेकर पुलिस खासी सतर्क थी लेकिन जेल से मेडिकल मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बृजेश को नहीं आना है जिस पर कचहरी परिसर के आसपास नजर रखी गयी।

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