वाराणसी। तीन दशक से अधिक पुराने सिकरौरा कांड के बाद पुलिस को उतनी मशक्कत नहीं करनी पड़ी थी जितनी उसकी सुनवाई में। वजह, आरोपित एमएलसी बृजेश सिंह के अलावा गवाहों को कड़ी सुरक्षा में ले आने और वापस पहुंचाने के अलावा सोशल नेटवर्किंंग साइट पर वायरल वीडियो को लेकर भी मत्था-पच्ची करना पड़ रही है। विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) राजीव कमल पाण्डेय की अदालत ने यू-ट्यूब पर प्रसारित वीडियो के मामले को गंभीरता से नहीं लेने व लापरवाही बरतने पर एसपी (क्राइम) प्रभारी साइबर सेल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश भी दिया है। वादिनी हीरावती के विधिक पैरोकार राकेश न्यायिक के वायरल वीडियो को लेकर पहले भी कोर्ट ने आदेश दिया था।

सातवीं गवाह मुंतली देवी भी हीरावती की राह पर

सोमवार को गवाह मुंतली देवी अदालत में पेश हुईं। विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) राजीव कमल पाण्डेय की अदालत में अभियोजन पक्ष ने सातवें गवाह के रूप में उपस्थित मुंतली देवी का बयान दर्ज किया गया, जिसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं द्वारा गवाह से जिरह की करवाई की गई। जिरह समाप्त होने के बाद अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 18 मई नियत कर दी। बताया जाता है कि हीरावती की भांजी मुंतली देवी ने भी उसी के नक्शेकदम रही हैं। दूसरी ओर मुकदमे की सुनवाई ले लिए एमएलसी बृजेश सिंह को कड़ी सुरक्षा में सेंट्रल जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया। अदालत में तारीख पड़ने के बाद पुलिस बृजेश सिंह को वापस लेकर सेंट्रल जेल लौट गई।

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