वाराणसी। बहुचर्चित सिकरौरा कांड की सुनवाई अब एडीजे तृतीय (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत में शुरू हो गयी। मंगलवार को बनारस बार के अध्यक्ष के घर चोरी को लेकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत थे। कड़ी सुरक्षा के बीच शिवपुर की सेन्ट्रल जेल से एमएलसी बृजेश सिंह को पेश किया गया लेकिन वादिनी हीरवती नहीं पहुंची। मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तिथि नियत की गयी है। जनरल डेट के बाद पुलिस ने एमएलसी को जेल दाखिल करा दिया। पेशी के दौरान बड़ी संख्या में एमएलसी के समर्थकों के अलावा फोर्स भी मौजूद थी।
कानूनी दांव-पेंच में अटका है मामला
तीन दशक पुराना मामला कानूनी दांव-पेंच में अटका हुआ है। हाईकोर्ट पहले ही समय सीमा के भीतर मामले के निस्तारण का आदेश दे चुका है। लंबे समय तक घटना के समय बृजेश की उम्र को लेकर पेंच फंसा रहा। इसका निस्तारण होने के बाद अभियोजन की तरफ से दिये गये टीए के चलते जिला जज ने एडीजे प्रथम से एडीजे तृतीय की अदालत में ट्रांसफर कर दिया। इससे पहले हीरावती सुरक्षा का वास्ता देकर कई तिथियों पर नही पहुंची थी लेकिन पिछली तिथि पर वह अदालत आयी।

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