वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश (सप्तम) राजीव कमल पाण्डेय की अदालत में विचाराधीन सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में बुद्धवार को बचाव पक्ष की भी बहस पूरी हो गयी। दोनों पक्षों की तरफ से बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन की ओर से लगाये गए आरोपों के बाबत प्रभारी डीजीसी मुन्नालाल यादव को जवाब देने के लिए अगली तिथि 10 अगस्त मुकर्रर का है। दूसरी तरफ इस मुकदमें में आरोपित एमएलसी बृजेश सिंह को कैंट पुलिस ने कड़ी सुरक्षा घेरे में शिवपुर सेंट्रल जेल से लाकर अदालत में पेश किया। अदालत में तारीख पड़ने के बाद पुलिस बृजेश सिंह को लेकर वापस सेंट्रल जेल लौट गई।

बदला सिर्फ नाम, सुनवाई हो रही वहीं

गौरतलब है कि बलुआ (चंदौली) थाना क्षेत्र के सिकरौरा गांव में 9 अप्रैल 1986 को तत्कालीन ग्राम प्रधान रामचंद्र यादव समेत उसके परिवार के सात लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले की पहले सुनवाई हो चुुकी है लेकिन बृजेश की फरारी के चलते उनकी फाइल अलग कर दी गयी थी। हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा सुनवाई आरम्भ हुई। पिछले दिनों प्रदेश में बड़ी संख्या में न्यायाधीशों के कोर्ट बदले गये थे जिससे आशंका जतायी गयी थी कि सुनवाई दूसरी कोर्ट मं होगी। कमोवेश पूरी प्रदेश में कोर्ट के नाम बदले और सुनवाई सवंधित न्यायाशीश ही कर रहे हैं। यही कारण है कि पहले एडीजे तृतीय (गैंगस्टर कोर्ट) में सुनवाई थी और अब एडीजे (सप्तम) के रूप में राजीव कमल पाण्डेय ही सुन रहे हैं।

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