वाराणसी। तीन दशक से अधिक समय पहले बलुआ (चंदौली) के सिकरौरा गांव में तत्कालीन ग्राम प्रधान रामचंद्र यादव समेत एक ही परिवार के सात लोगों की हुई हत्या के मामले में सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव का सोमवार को बयान व जिरह की कार्रवाई पूर्ण हो गई। इस चर्चित मामले में गवाही देने के लिए विशेष न्यायाधीश(गैंगस्टर एक्ट) राजीव कमल पांडेय की अदालत ने उन्हें तलब किया था । अभियोजन पक्ष के गवाह प्रभु नारायण सिंह का बयान दर्ज होने के पश्चात बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं उनसे जिरह की कार्यवाही पूरी की। अदालत ने मुकदमे में अग्रिम सुनवाई के लिए 14 मई की तिथि मुकर्रर करते हुए अभियोजन पक्ष के अन्य गवाहों को तलब किया है।

तहरीर लेखक रहे हैं विधायक

गौरतलब है कि 1986 में हुए इस वारदात के समय प्रभुनारायण ने थाने में हीरावती की तरफ से तहरीर लिखी थी। इसके बाद कपसेठी हाउस से राजनैतिक प्रतिद्वंदिता कई बार देखने को मिली। इस मामले में आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह के भतीजे सुशील से प्रभुनारायण की टक्कर धानापुर विधानसभा चुनाव के दौरान 2002 में हुए जब चंद वोटों से सुशील को पराजित होना पड़ा था। इसके बाद सुशील ने अगले दो चुनावों में प्रभुनारायण को पराजित किया था। बचााव पक्ष की तरफ से इसी पुरानी राजनैतिक प्रतिद्वंदिता का वास्ता दिया गया। इससे पहले बृजेश को कडी सुरक्षा व्यवस्था में शिवपुर सेंट्रल जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया था। मुकदमे में सुनवाई के लिए अगली तिथि तय होने पर पुलिस बृजेश सिंह को लेकर जेल चली गई।

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