वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर) राजीव कमल पाण्डेय कि अदालत में चल रहे सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के 10 वें गवाह रामलक्षण यादव का बयान दर्ज किया गया। तीन दशक से अधिक पुराने बहुचर्चित मामले के दौराम रामलक्षण बलुआ थाने पर मुंसी के रूप में तैनात थे। एफआईआर लेखक के रूप में उनका बयान हुआ जिसमें अभियोजन के कथानक का समर्थन किया। इस मामले में अब सिर्फ तत्कालीन विवेचक और पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर का बयान शेष रह गया है। दूसरी तरफ इस मामले में आरोपित एमएलसी बृजेश सिंह को भी पुलिस ने कड़ी सुरक्षा घेरेबंदी मे शिवपुर सेंट्रल जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया था।

अगली सुनवाई सात जून को

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर प्रभारी डीजीसी मुन्ना लाल यादव ने गवाह का बयान दर्ज कराया। तत्पश्चात बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीनानाथ सिंह, अशोक सिंह प्रिंस व शैलेन्द्र सिंह ने गवाह से जिरह की कार्रवाई पूरी की। इसपर अदालत ने अभियोजन पक्ष के अन्य गवाह को तलब करने का आदेश देते हुए मुकदमे में अग्रिम सुनवाई के लिए सात जून की तिथि नियत कर दी। मुकदमे में अगली तिथि मुकर्रर होने पर आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह को लेकर पुलिस वापस सेंट्रल जेल लौट गयी।

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