द्वादश ज्योतिलिंर्गों में सर्वोपरि श्री काशी विश्वनाथ, बाबा के विवाह पर पूरी नगरी लगाती हर-हर महादेव का जयकारा

वाराणसी। यूं तो देश के कोने-कोने में हिंदू आस्थावान महाशिवरात्रि का पर्व मनाते हैं, लेकिन भोले की नगरी काशी में बाबा भोले के विवाह का पर्व इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि काशी में द्वादश ज्योतिलिंर्गों में सर्वोपरि श्री काशी विश्वनाथ विराजमान हैं। यही वजह है कि शिवरात्रि के पावन मौके पर पूरी की पूरी काशी नगरी हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठती है। पूरे वर्ष में सिर्फ इसी एक दिन बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन और जागरण पूरी रात्रि जारी रहता है। काशी में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि भगवान भोले यहां खुद श्मशान में विराजमान हैं और यहां खुद वे तारक मंत्र भी देते हैं। सभी ज्योतिर्लिंग भोग, स्वर्ग, शांति, यश सम्मान देते हैं, लेकिन काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग जन्तु को भूलोक में फिर न आने की अंतिम इच्छा को बाबा विश्वनाथ तारक मंत्र देकर पूर्ण करते हैं।

महाशिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन होंगे ये कार्यक्रम

काशी में पहली बार आयोजित हो रहे महाशिवरात्रि महोत्सव के द्वितीय दिवस पर कत्थक एवं भजन के साथ-साथ तृप्ति शाक्या एवं प्रेम प्रकाश दुबे के द्वारा भजन की प्रस्तुति की जाएगी। तृतीय दिवस पर प्रख्यात भजन गायक अग्निहोत्री बंधुओं के साथ-साथ सुखदेव मिश्र वादन में एवं गणेश मिश्र द्वारा गायन की प्रस्तुति की जाएगी। इसके अलावा 23 फरवरी को राजघाट पर बोट फेस्टिवल का आयोजन विभिन्न प्रायोजकों के साथ किया जायेगा।

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