शंकराचार्य ने किये पीएम मोदी से किये ‘सुलगते सवाल’ लेकिन राहुल का किया पूरा ‘बचाव’ , चुनाव को लेकर की यह अपील

वाराणसी। लंबे समय तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की खातिर कूद करने की घोषणा कर शासन-प्रशासन को सांसत में डालने वाले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती एक बार फिर तेवर में दिख रहे हैं। शिवाला स्थित चेतसिंह किले में पट्टाभिषेक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने पीएम मोदी से कई सुलगते सवाल पूछा। अलबत्ता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का पूरा बचाव भी किया। शंकराचार्य ने जैश ए मोहम्मद के सरगना और कुख्यात आतंकी हाफिज सइद को जी कर संबोधित करना महज जुबान फिसलना माना है। उनका मानना था कि यह तो वाणी का स्खलन है जिसको तूल नहीं देना चाहिए। गलती से निकल गया होगा जिसे वो सुधार लेगा। यह बात दीगर है कि बयान के तीन दिन बाद भी राहुल इसे नहीं सुधारे हैं। शंकराचार्य ने युवाओं से राजनैतिक दलों का घोषणापत्र देख कर मतदान की अपील की है।

गंगा अब भी मैली, गोमांस का निर्यात जारी

शंकराचार्य ने पीएम से पूछा कि पांच साल पहले जिस गंगा ने उन्हें बुलाया था वह अब भी मैली है। उपज के मुताबिक मूल्य न मिलने से किसान परेशान हैं। भारत से अभी भी विदेशों में गोमांस का निर्यात जारी है। सब कब बंद होगा इसका उत्तर पीएम के पास है। वह देश से वोट देने की अपील तो कर रहे हैं लेकिन यह नहीं बता रहे है कि पहले तो वादे किये थे उसे कब पूरा करेंगे। चैनलों में उनका प्रचार चल रहा है लेकिन कोई नहीं पूछ रहा कि गंगा कब तक साफ हो सकेगी।

मंदिर को लेकर नहीं होगा समझौता

शंकराचार्य ने स्पष्ट कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्तता के लिए जो पैनल बनाया है उस पर टिप्पणी नहीं करेंगे लेकिन राम मंदिर को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। पैनल में श्री श्री रविशंकर को लेकर विवाद पर भी कहा कि कोर्ट ने कहा है और विचार तो सभी को रखने चाहिये। अलबत्ता हमने भी अपना प्रतिनिधि भेज दिया है जो वहां बात रखेगा। आठ सप्ताह बाद जो स्थिति सामने आयेगी उस पर विचार किया जायेगा। रमजान में मतदान को लेकर विवाद को निरर्थक बताते हुए उनका मानना था कि निर्वाचन है तो सभी को आना होगा।

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