पुलिस लाकअप में युवक की मौत के मामले में इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी नामजद, विभाग में मची हडकंप

सोनभद्र। मारपीट और चोरी सरीखे मामूली मामलों में आरोपित रहे शिवम शुक्ला को थाने की हवालात में ठूंसना पन्नूगंज इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मियों के गले की फांस बन गया। हवालात में शिवम शुक्ला ने मंगलवार की देर शाम पायजामे के नाडे से फंदा बना कर खुदकुशी कर ली जिसके बाद में विभाग में हडकंप मची है। एसपी प्रभाकर चौधरी से रिपोर्ट मांगी गयी है जिसके बाद इंस्पेक्टर राजनारायण पासी समेत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू हो गयी है। पुलिस की विभागीय जांच अलग से चलेगी। परिजनों का आरोप है कि महज एक बोरी सरसो चुराने का आरोप लगाते हुए शिवम को पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों ने इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने यह कदम उठाया।

अस्पताल में जमकर हुआ हंगामा

गौरतलब है कि पन्नूगंज पुलिस ने सोमवार की रात एक बोरी सरसो की चोरी के आरोप में शिवम शुक्ला को पकड़ा था। मंगलवार देर शाम को शिवम ने शौचालय में नाड़े से फंदा बना कर फांसी लगा ली। काफी देर बाद शिवम को फंदे पर लटका देख पुलिसकर्मी सकते में रह गये। आनन-फानन में उसको लेकर पीएसची तियरा पहुंचे जहां डाक्टर ने दशा गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज से पहले रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शिवम सजौर गांव (राबर्ट्सगंज) का निवासी था। घटना की सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल में एडीएम, एएसपी, एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए हैं। परिजनों ने पुलिस के ऊपर शिवम की हत्या करने का आरोप लगाया। परिजनों ने मंगलवार की रात को काफी देर तक जिला अस्पताल में बवाल काटा।

मारपीट और चोरी के थे आरोप

अपनी गर्दन फंसते देख पुलिस पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में आ चुकी है। दावा तो शातिर अपराधी का किया था लेकिन मशक्कत के बाद जोो अपराध बताये गये वह मामूली धाराओं के तहत थे। पुलिस रिकार्ड में शिवम के ऊपर 2007 में मामूली मारपीट की धारा 323, 504, 506 व 2010 में 325,324,504,506 में मुकदमा दर्ज था। अलबत्ता 2018 में चोरी की 379,411 के साथ 2019 में इसकी की धारा 379 के तहद मुकदमा दर्ज था।

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