आजमगढ़। वारीणसी एसटीएफ ने आजमगढ़ में अवैध रूप से चल रही शराब फैक्ट्री पर छापेमारी कर मौके से लगभग 40 ड्रम मिथाइल अल्कोहल और तीन वाहन बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार क्या किया पुलिस महकमे में खलबली मच गयी है। दरअसल अवैध शराब की अवैध फैक्ट्री पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर संचालित हो रही थी। पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक सब इंस्पेक्टर सहित 7 सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। यहीं नहीं एसपी ने आरम्भिक जांच में इस मामले में आबकारी विभाग की भी संलिप्तता पायी है जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही आबकारी विभाग पर भी गाज गिर सकती है।
अवैध शराब से हो चुकी है दो दर्जन से अधिक मौतें
गौरतलब है कि आजमगढ़ में कुछ माह पूर्व ही अवैध शराब का सेवन करने से दोदर्जन से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी है। इसके बाद पुलिस ने तस्करों पर दबाव बनाया तो उन्होंने जहरीली शराब दोहराने की धमकी तक दे डाली थी। एसटीएफ के साथ संयुक्त छापेमारी में सरगना के साथ उसके गुर्गो को गिरफ्तार करते हुए गिरोह का खात्म किया गया लेकिन दूसरे सिर उठाने लगे। ताजा मामला गम्भीरपुर थाना परिसर से महज डेढ़ किलो मीटर दूर संचालित अवैध शराब की फैक्ट्री का है जो बिंद्रा बाजार चौकी के पास संचालित हो रहा था। इसकी जानकारी एसटीएफ की वाराणसी यूनिट को मिली तो इंस्पेक्टर पुनीत परिहार के नेतृत्व में टीम आजमगढ़ के गंभीरपुर पहुंची और अवैध रूप से संचालित शराब फैक्ट्री पर छापा मारा। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करायी और रिपोर्ट के आधार पर बिंद्रा बाजार चौकी के इंचार्ज सहित 7 लोगों को निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अजय साहनी भले ही शासन की मंशा के अनुरूप समाज से अपराध और भ्रष्टाचार मिटाने के लिए संकल्पित हो परंतु उनके ही मातहत उनके नेक कार्यो पर पानी फेर रहे है।

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