वाराणसी। जिला जेल के बारे में दावा किया जाता है कि जैमर लगा है। अधिकारी मोबाइल की मौजदगी से साफ इनकार करते हैं। हकीकत इससे उलट है। शनिवार को सिर्फ बैरक नंबर तीन तलाशी ली गयी तो यहां से एक नहीं बल्कि पूरे सात मोबाइल और चार्जर मिला है। खास यह कि भारी संख्या में मोबाइल मिलने के बाद बंदीरक्षक और जेल अधिकारी आमने-सामने हो गये हैं। बंदीरक्षको ने साफ शब्दों में कहा है कि अधिकारी कुख्यात अपराधियों तक मोबाइल पहुंचवाते हैं और पकड़े जाने पर उन जैसे छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाते हैं। बहरहाल जेलर की तहरीर पर कैंट थाने में पांच के खिलाफ नामजद मुकदमा कायम कराया गया है।

मोबाइल मिलने के बाद बजानी पड़ी पगली घंटी

घटनाक्रम कुछ यूं रहा कि जेल की बैरक नंबर तीन में सड़क की तरफ से एक गेंद गिरती है जिसमें मोबाइल बंधा रहता है। बंदीरक्षक ने यह देखा तो जेलर को सूचना दी। आरोप है कि जेलर पीके त्रिवेदी ने इस जानकारी के बाद गाली-गलौज करने हुए तोहमत मढ़नी शुरू कर दी। उधर बंदीरक्षकों का कहना था कि अधिकारी न चाहें तो जेल में मोबाइल नहीं आ सकता है। इसके बाद तलाशी के लिए पहुंचने पर बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। पगली घंटी बजाने के साथ प्रभारी अधीक्षक और डीएम को सूचना दी गयी।

एसपी सिटी ने संभाला मोर्चा

इसी बीच एसपी सिटी दिनेश सिंह पांच थानों की फोर्स और पीएसी लेकर जेल पहुंचे। एडीएम प्रशासन के साथ बैरक नंबर दो, तीन और चार की तलाशी लेकर माहौल सामान्य कराया गया। इस दौरान लगभग ढाई घंटे तक जेल में अफरातफरी का माहौल रहा। मामले को लेकर बैरक नंबर तीन के आबिद सिद्दीकी, राजीव पांडेय उर्फ वकील, अतुल सिंह, विवेक सिंह, आशुतोष सिंह के खिलाफ मुकदमा कायम कराया गया।

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