जौनपुर। धर्म के नाम पर ठगों ने सीधी घरेलू महिला को अपने जाल में फंसाने के बाद साल लाख के आभूषण पार कर दिये। जालसाजों ने महिला को शनि की बाधा दूर करने की खातिर मंत्र देने के नाम पर घर के सभी गहनों के संग बुलाया। साथ ही हिदा.त दी कि इसकी जानकारी किसी न देना और न ही राजदार बनाना अन्यथा मंज्ञ काम नहीं करेगा। शनिवार की शाम फिल्मी तरीके से चार पहिया वाहन से आये तांत्रिक का रूप धरे ठग आभूषणों को लेकर फरार हो गये। भुक्तभोगी महिला ने सोमवार को जब डिब्बा खोला तो उसके पैर की जमीन खसक गई। महिला कुछ इस कदर सदमे में हैं कि उसने इसकी सूचना पुलिस को भी नहीं दी है। पीड़िता का कहना है कि ठगों ने कुछ सुंघा दिया था जिससे मेरी मति हर गयी थी।
योजनाबद्ध तरीके से फंसाया जाल में
गोलाबाजार निवासिनी शीला देवी शनिवार की दोपहर बाजार से कुछ सामान खरीदने गई थी। इस दौरान बाजार में एक किशोर मिला और कहा कि माताजी आप लंगड़ा के क्यों चलती है, घुटनो में दर्द है क्या? शीला व्यथिक होकर अपनी और अपने पति की दास्तान उसको बताने लग। उनका कहना था कि मेरे पति मुझसे अधिक बीमार रहते है तमाम इलाज के बाद भी ठीक नही हो रहे है। इस दौरान कथित तांत्रिक आ गया और योजना के तहत किशोर पर भड़क गया। उसने शीला से वार्तालाप कर करके अपने चंगुल में फंसा लिया। किशोर ने बताया कि मेरे माता-पिता इसी तरह बीमार रहते थे, यही महाराज ने ठीक किया है। किशोर वहां से चंपत हो गया और तांत्रिक ने महिला को विश्वास में लेकर कहा कि आप के परिवार पर शनिदेव का संकट है। घर का सब सोने का आभूषण लेकर आओ शनिदेव का संकट सोने के आभूषण से हटा कर भूत-प्रेत को नष्ट कर देता हूं। जाओ घर से अपना सब सिर्फ सोने का जेवर लाना क्यों कि शनिदेव का संकट सिर्फ सोने के जेवर पर है।
किसी को बताने की थी मनाही
शीला को विश्वास में लेने के साथ जेवर लाने की विधि भी तांत्रिक ने बतायी। उसका कहना था कि कोई जानने न पाये न ही टोकने पाये और सूर्य अस्त से पहले आना नहीं तो मन्त्र नही चलेगा। उसकी बातों में आकर महिला ने अपने घर से अपनी बेटियों सहित अपना आभूषण लेकर निश्चित स्थान पर मार्किट में पहुँची। जिसमे एक हार, चार चेन, छागल, अंगूठियां, दो झाला, दो मांग टीका, दो कंगन, दो झुमका, एक नेकलेस, चार कील आदि लगभग सात लाख मूल्य के आभूषण ठग के हवाले कर दिया। कथित तांत्रिक का एक अन्य आदमी भी अपना कुछ आभूषण ले आया और फर्जी तरीके से ढोंग कर के उसने भी तांत्रिक के आदेशों का पालन करने लगा तांत्रिक ने कहा आंख बन्द करके दोनों लोग ॐ नम:शिवाय का मंत्र पढो और खुद भी पढ़ने लगा और महिला का आभूषण निकाल के उसके डिब्बे में मिट्टी आदि भर दिया और धागे से डिब्बा बांध दिया और कहा कि घर जाओ सोमवार की सुबह सूरज निकलने से पहले मन्त्र पढ़ते हुये थाली में कुछ तांत्रिक द्वारा दिया हुआ फूल व तंत्र मंत्र के समान के साथ खोलना इस दौरान हनुमान जी के मंदिर में अगरबत्ती जलाते रहना और में अगले हफ्ते पुन: आऊंगा तो अपने और अपने पति के स्वस्थ्य के बारे में मुझे अवगत कराना यह कहते हुये दोनों फरार हो गये। जाते समय चेताया कि यदि किसी को हमराज बनाया तो कष्ट से मुक्ति नही मिलेगी।

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