वाराणसी। सिकरौरा कांड को लेकर एडीजे (प्रथम) पीके शर्मा की अदालत में गुरुवार की देर शाम तक गहमा-गहमी रही। कोर्ट का फैसला आने के बाद एमएलसी बृजेश सिंह का हस्ताक्षर कराने के बाद उन्हें जेल दाखिल करने का आदेश दिया गया लेकिन बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जतायी। बालीबुड के सुपर स्टार सलमान खान के मामले में देश के जाने माने अधिवक्ता हरीश साल्वे की दलीलों का हवाला देते हुए उनका कहना था कि आरोपित को फैसले के बारे में जानने का कानूनी अधिकार है। इसका नतीजा रहा कि बृजेश सिंह में कोर्ट में शाम छह बजे तक मौजूद रहे। पुलिस ने परिसर में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किये थे और सैंकड़ों की संख्या में एमएलसी से जुड़े लोग भी डटे थे।
फैसले के बाद भी चले कानूनी दांव-पेंच
बचाव पक्ष के शैलेन्द्र सिंह ने सिर्फ सलमान खान केस का वास्ता ही नहीं दिया बल्कि यहां तक कहा कि न्याय की खातिर आधी रात को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए खुल सकती है। वहां पर तो आरोपित मौजूद नहीं था लेकिन दो घंटे का समय देने के बाद सुनवाई की गयी। उनके मुवक्किल को फैसले के कानूनी पहलुओं को जानने का पूरा हक है और वह इसके लिए कोर्ट से अनुरोध कर रहे हैं। कानूनी दलीलों को नतीजा था कि पहले तो फैसले पर हस्ताक्षर कर बृजेश जा रहे थे लेकिन इसके बाद उनके अधिवक्ता ने बिन्दुवार जानकारी दी। माना जा रहा है कि बृजेश की तरफ से फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जायेगी लेकिन इसके लिए देश की शीर्ष अदालत के वकीलों की फौज खड़ी रहेगी।

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