बलिया। सास-बहू के रिश्तों को लेकर अक्सर अनबन सरीखी बात सुनने को मिलती है। कई बार तो चौके का रगड़ा-झगड़ा पुलिस चौकी से लेकर अदालत तक पहुंच जाता है। बावजूद इसके बैरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली मीना देवी ने अनूठी मिसाल पेश की है। सगी मां से भी बढ़कर रिश्तों का मान रखते हुए अपने पुत्र की मौत के बाद सास ने ही अपनी बहू का कन्यादान किया। शादी बिना दान दहेज के तहसील स्थित दुर्गा माता के मंदिर में सम्पन्न हुआ। खास यह कि कुछ परिवारवालों और बिरादरी के लोगों ने इसका विरोध किया लेकिन मीना न सिर्फ अपने निर्णय पर अडिग रहीबल्कि तहसील में शादी को रजिस्टर्ड भी कराया।

सात माह पहले हो गयी थी पति की मौत

दूल्हा ठेकहा (बैरिया) निवासी बबलू शर्मा की पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। बबलू का सात वर्षीय पुत्री व पांच वर्षीय पुत्र भी है। दूसरी तरफ रामनगर (दोकटी) निवासिनी रेखा की शादी रकबा टोला (बैरिया) निवासी राजू शर्मा के पुत्र सोनू शर्मा से हुई थी, लेकिन सात माह पहले रेखा के पति सोनू की मृत्यु हो गयी। रेखा की एक तीन वर्ष की पुत्री भी है। रेखा की सास मीना देवी के दिमाग में बात आई कि क्यों न रेखा का विवाह करा दिया जाय। छोटी बच्ची के साथ पहाड़ जैसी जिंदगी कैसे कटेगी। मीना देवी को अपने फुआ के लड़के के साले का ध्यान आया। सहमति बनने पर बुधवार को रेखा की शादी बबलू शर्मा से कर दी गई।

admin

No Comments

Leave a Comment