वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में कदाचार के मामले में मीरजापुर जेल में निरुद्ध चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के साथ आरोपी सिपाही अजीत कुमार सिंह को राहत नहीं मिल सकी। सिपाही ने हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन में आत्मसमर्पण किया था। कोर्ट ने आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए आरोपी सिपाही की जमानत अर्जी खारिज कर दी। गौरतलब है कि आरएस यादव के साथ सिपाही को भी वसूली का आरोपित बनाया गया था लेकिन लगभग एक साल तक पुलिस समेत दूसरी एजेंसियों ने गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठायी। दलील थी कि हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है जबकि सिर्फ आरोप पत्र दायर करवे तक की राहत थी।

कोर्ट ने माना जमानत का आधार नहीं

अभियोजन के मुताबिक मुगलसराय थाना क्षेत्र (चंदौली) के टेंगरा मोड़ पर ट्रको से अवैध वसूली के मामले में एआरटीओ के साथ सिपाही अजीत यादव भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले में हाइकोर्ट ने आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आरोपी सिपाही को सम्बंधित कोर्ट में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी देने को कहा था। इसी क्रम में आरोपी सिपाही ने मंगलवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद गम्भीर प्रवृत्ति का अपराध पाते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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