रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे संग नोटा दबाने का ऐलान, सांसद रवीन्द्र कुशवाहा को भारी पड़ रही नाराजगी

बलिया। जनपद के सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा ने अपने निवर्तमान सांसद रवीन्द कुशवाहा हो फिर से मैदान में उतारा है लेकिन उनके खिलाफ नाराजगी की खबरों से पार्टी के रणनीतिकार बेहाल है। ताजा मामला बिच्छीबोझ गांव का है जहां ग्रामीणों में नाराजगी अपने चरण पर है। सांसद को लेकर नाराजगी के कई कारण हैं लेकिन तीन बार आश्वासन देने के बावजूद सड़क न बनवाना गले की फांस बना है। ग्रामीणों की माने तो बीजेपी सांसद रविंद्र कुशवाहा ने 2014 में जीत के बाद इस गांव के लोगों से सड़क समेत जो भी वादे किये वह पूरे नहीं किये।

पुतला दहन कर की नारेबाजी

ग्रामीणों का कहना है कि सांसद आश्वासन देते रहे कि सड़क को बनाने का बजट पास हो चुका है लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सड़क गड्ढे में ही तब्दील है। अभी तक सड़क नहीं बनी और न ही इसके आसार दिख रहे है। ग्रामीणों ने सड़क को लेकर बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सांसद रविंद्र कुशवाहा मुदार्बाद के नारे लगाने के साथ उनका पुतला भी दहन किया गया। ग्रामीणों ने इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव में किसी भी प्रत्यासी को वोट नहीं देने की बात की। और इस बार के चुनाव में नोटा का प्रयोग किया जायेगा। ग्रामीणों का कहना था कि हमारे वोटों से जीतने के बाद सांसद तो लक्जरी वाहन से घूमे और हम पैदल।

एंबुलेंस तक नहीं आ पाती

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछली बार एकतरफा वोटिग कर जीत दिलाने में हम लोगों की बड़ी भूमिका रही उम्मीद थी कि रोड बनेगी लेकिन रवीन्द्र कुशवाहा झांकने नहीं आये। उन्होंने जो करतब दिखाये हैं वहीं देखेंगे। सड़क की एक नहीं तीन बार घोषणा की लेकिन इसे अमली जामा नहीं पहना पाये। इसके चलते एंबुलेंस तक नहीं आ पाती है। कोई नयी नवेली दुल्हन जा अपनी ससुराल वाहन से नहीं आ पाती है। विरोध के लिए मतदान का बहिष्कार नहीं करेंगे बल्कि नोटा का इस्तेमाल करेंगे।

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