जौनपुर। जिले की प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी बुधवार को जिला योजना की बैठक ले रही थी लेकिन बड़ी संख्या में जिला पंचायत सदस्यों ने दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए बहिष्कार कर दिया। कैबिनेट मंत्री के कथित दुर्व्यवहार को लेकर देरतक हंगामा होता रहा। कुल 57 सदस्यों में से 33 सदस्य सदन से बाहर निकल गये। बहिष्कार के चलते बैठक का कोरम पूरा नहीं ता बावजूद इसके बजट प्रस्ताव पास कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव ने कई बार सदस्यों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया लेकिन असर नहीं हुआ। मंत्री ने कहा कि ये लोग पहले से ही बहिष्कार करने का मन बनाकर आये थे। कार्यवाही रजिस्टर पर किसी ने हस्ताक्षर भी नहीं किया था। बैठक में सर्वसम्मति से छह अरब 57 लाख रुपए की जिला योजना का प्रस्ताव पास हुआ है।

प्रस्तावों की शामिल करने को लेकर हुआ विवाद

जिला योजना की बैठक को कई बार किसी न किसी वजह से टाल दिया जा रहा था। बुधवार को सूबे की कैबिनेट मंत्री व जिले की प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी की अध्यक्षता में बैठक आरम्भ होते ही जिला पंचायत के 31 सदस्य और नगर निकाय के दो सदस्यों ने जिला योजना में अपने प्रस्तावो को शामिल करने की मांग की। उनका आरोप था कि हर बार उनकी योजनाओं को शामिल नहीं किया जाता। केवल अगली बार शामिल करने का लालीपॉप दिया जाता है।

सपा विधायक आये नहीं, बसपा बाद में चली गयी

आरोप यह भी था कि इन मांगों को दबाने के लिए रीता बहुगुणा ने बैठक के दौरान अपशब्द कहे। अपमानित करते हुए यह भी कह दिया की यह तो सदन के सदस्य तक नहीं हैं। इसके बाद वहां बवाल खड़ा हो गया। देखते ही देखते सदस्य बहिष्कार कर बाहर निकल गए। खास यह कि बैठक में सपा विधायक पारसनाथ यादव, शैलेन्द्र यादव ललई तथा जगदीश सोनकर आये ही नहीं थे। अलबत्ता बसपा विधायक सुषमा पटेल बैठक में शामिल हुईं लेकिन समाप्त होने से पूर्व ही सदन से निकल गईं।

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