कोर्ट के फैसले का सम्मान लेकिन राज्य सरकार की नीयत सबके सामने हो गयी उजागर: अब्बास

मऊ। सदर के बाहुबली मुख्तार अंसारी के राज्यसभा चुनाव में वोट डालने से लगी रोक के चलते पार्टी ही नहीं बल्कि समर्थकों को भी बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बड़े बेटे अब्बास अंसारी ने बताया कि नीचे की पांच अदालतों में मुख्तार के खिलाफ मामले विचाराधीन हैं। इन अदालतों ने राज्यसभा चुनाव में वोट देने के लिए उन्हें इजाजत दे दी थी लेकिन अपनी चुनावी गणित बिगड़ते देख प्रदेश सरकार हाइकोर्ट गई और उन अदालतों के आदेश पर रोक लगवा दी। अब्बास ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह कृत्य जम्हूरियत के एकदम खिलाफ है जिसका खामियाजा उसे भुगतना होगा।

मुख्तार को पहले से थी आशंका

गौरतलब है कि विधायक मुख्तार अंसारी इन दिनों बांदा जेल में निरुद्ध हैं। मऊ के बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड में वह मऊ कोर्ट में बुधवार को पेश होने आए थे। तब उन्होंने साफ कहा था कि वह राज्यसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार को ऐलानिया वोट करेंगे। साथ ही उन्होंने आशंका भी जतायी थी। विधायक का कहना था कि योगी की तानाशाही सरकार में अगर मौका तो। अंसारी परिवार का आरोप है कि इसके पहले भी निचली अदालतों की इजाजत के बाद भी प्रदेश शासन विधानसभा के चल रहे बजट सत्र की कार्यवाही में आने से मुख्तार को रोक चुका है। अब्बास ने सधी टिप्पणी करते हुए कहा कि अंसारी परिवार ने हमेशा कोर्ट का सम्मान किया है, करते थे और करते रहेंगे लेकिन सरकार की नीयत और मंशा ठीक नही है।

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