वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में इन दिनों कथित धर्मांतरण को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर दूसरी बार मारपीट के संग हंगामा हुआ। ताजा मामला अर्दली बाजार का है। अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाके में घटना की जानकारी मिलने के बाद फौरन पुलिल पहुंच गयी। बावजूद इसके बलवाइयों ने पीवीआर वैन में बैठाये गये युुवक के संग मारपीट की। कैैंट पुलिस ने सख्त तेवर अख्तियार करते हुए खुद को हिंदूवादी संगठन से जुड़ा बताने वाले निर्भय सिंह सहित दो नामजद और 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा कायम किया है। इसके साथ ही आरोपित विनोद का मेडिकल मुआयना करा कर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। खास यह कि दो दिन पहले मंगलवार को भी गिरजाघर स्थित सेंट थामस चर्च के पादरी पर धर्मांतरण का आरोप लगाकर तोड़फोड़ और बवाल किया गया था। इस मामले में भी दशाश्वमेध थाने पर 40 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पादरी बताते हुए की थी पिटाई

मूल रूप से छितौनी (लोहता) निवासी विनोद मौर्या की अर्दली बाजार निवासी रामवृक्ष सोनकर की सास से शिवपुर के एक चर्च में मुलाकात हुई थी। गुरुवार को विनोद मिलने की खातिर गया था तभी किसी ने धर्मपरिवर्तन के लिए पादरी के आने और हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करने की अफवाह फैला दी। कुछ ही देर में खुद को हिंदूवादी संगठन का सदस्य बताते हुए जुटे लोगों ने विनोद को पकड़ कर पीटना ही नहीं शुरू किया बल्कि पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने विनोद को पीवीआर में बैठा लिया लेकिन वहां पर भी मारपीट की गयी। मशक्कत के बाद पुलिस उसे लेकर अर्दली बाजार चौकी पहुंची। बाद में रामवृक्ष की पत्नी व सास चौकी पर पहुंचीं और कबूल किया कि धर्मांतरण जैसा कोई मामला नहीं है तब जाकर मामला शांत हुुआ। इंस्पेक्टर कैंट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रपट दर्ज कर ली है।

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