वाराणसी। आॅपरेशन के दौरान मरीज के पेट में सुई छोड़ने के मामले में लंका पुलिस तकनीकी पहलू का वास्ता देते हुए रपट दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही थी। परिजनों ने शनिवार को ही लिखित तहरीर दे दी दी थी लेकिन पुलिस ने इसे सीएमओ के पास भेज कर कर्तव्य से इतिश्री कर चुकी थी। पीड़िता के परिजन थाने का चक्कर लगाते रहे जब उनको नहीं समझ में आया तो रविवार को डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मुलाकात कर उनको समूचे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए न्याय की गुहार लगायी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमकिता के आधार पर त्वरित कार्रवाई का आदेश लंका थाने को दिया। कलेक्टर की फटकार के बाद चेती लंका पुलिस ने आईपीसी की धारा 279, 337 और 338 के तहत मुकदमा कायम करने के साथ विवेचना शुरू कर दी है।

काफी समय के बाद पता चला

चंदौली निवासी विकास द्विवेदी की पत्नी रीना द्विवेदी का आॅपरेशन बीएचयू की डाक्टर प्रोफेसर निशा रानी ने किया था। आॅपरेशन के बाद पेट में दर्द की शिकायत शुरू हुई तो दूर होने के बजाय बढ़ती गयी। दूसरे स्थान पर जांच करायी तो पता चला कि पेट में सूई छूट गयी है। आरोप है कि बीएचयू डॉक्टर की बड़ी लापरवाही मानने के बजाय मरीज के परिजनों को धमकाने लगी। पुलिस को तहरीर देने पर कुछ न होते देख पीड़ित परिवार ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई गुहार। इस पर गायनिक की प्रो निशा रानी के खिलाफ लंका थाने रपट दर्ज हो सकी।

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