लखनऊ। सीएम योगी से लेकर डीजीपी तक अपराधियों पर नकेल कसने के दावे रोजाना करते हैं लेकिन हकीकत यह है कि माफिया गिरोहों की वसूली बढ़ती जा रही है। दशा यह हो गयी है कि करोड़ों की रकम रंगदारी के रूप में मांगी जा रही है और किश्तों में अदायगी हो रही है। झांसी जेल में निरुद्ध ‘वीआईपी’ मुन्ना बजरंगी के लिए एक अस्पताल संचालक से 15 लाख वसूलकर दूसरी किश्त लेने जा रहे हैं दो बदमाशों को एसटीएफ ने धर-दबोचा। तलाशी में 8.9 लाख रुपये बरामद होने पर कड़ाई पूछताछ में दोनों का कहना था कि रंगदारी के लिए फोन से लेकर सेटिंग कर करने वाले तो दूसरे हैं। वह तो कोरियर एजेंट की तरह विभिन्न स्थानों पर जाकर रकम का कलेक्शन करते हैं। इसके एवज में उन्हें कमीशन के तौर पर रकम मिलती है। अभी आधा दर्जन और स्थानों से वसूली की जानी है जहां जाकर इसी तरह वह धन लेकर आते।

डाक्टर ने मांगा गया था दो करोड़

एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह को सूचना मिली थी कि लाइन बाजार (जौनपुर) स्थित इशा हास्पिटल के संचालक डा. रजनीश श्रीवास्तव से दो करोड़ रुपये रंगदारी के रूप मांगे गये हैं। टीम ने सुभ्रांशु सिंह उर्फ शिब्बू तथा प्रशांत सिंह उर्फ बीपी निवासीगण दमोदरा (रामपुर) को गिरफ्तार कर तलाशी ली गयी तो आठ लाख 90 हजार रुपये बरामद हुए। सौरभ सिंह उर्फ विनीत सिंह तथा सुधांशु सिंह उर्फ रीशू ने एक सप्ताह पहले ही डाक्टर से रंगदारी की पहली किश्त के रूप में 15 लाख रुपये उनके जरिये मंगवाये थे। उनके लिए 10 फीसदी कमीशन फिक्स था जो यह रकम के रूप में है। सौरभ ने उनसे कहा था कि वीआईपी के लिए इसी तरह कुछ और स्थानों से धन लेकर आना है।

इलाके को लोग निशाने पर!

समूचे घटनाक्रम का चौंकाने वाला पहलू यह रहा है कि जिस डाक्टर से वसूली की गयी वह उसी इलाके से जुड़ा है जहां से मुन्ना बजरंगी खुद और उनकी पत्नी सीमा सिंह चुनाव लड़ चुकी है। इसके अलावा गिरफ्तार और फरार बदमाश भी वहीं के रहने वाले हैं। पुलिस और एसटीएफ का मानना है कि बजरंगी से जुड़े बड़ी संख्या में लोग जौनपुर में मौजूद हैं। ऐसे में यदि वसूली हुई तो कहीं न कहीं से संलिप्तता जरूर हो सकती है।

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