रास नहीं आयी डा. शिवेश जायसवाल को ‘रिहाई’, इस बार फेल अभ्यार्थियों को मेडिकल में पास करने के लिए ‘उगाही’ में कार्रवाई

वाराणसी। किसी संगीन मामले में आरोपित होने के बाद लोग कानून का पालन करते हैं और अपराध से बचते हैं। इससे उलट बच्चे की मौत के मामले में जेल से जमानत पर छूटे डा. शिवेश जायसवाल उगाही में जुट गये। कैंट पुलिस ने शुक्रवार को पीएसी कांस्टेबिल भर्ती रीमेडिक्ल टेस्ट में फेल अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार के सम्बन्ध में दर्ज मामले में धर-दबोचा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, फर्जीवाड़े और साजिश रचने के मामले में डा. शिवेश जायसवाल के संग उनका सहयोगी आकाश बेनबंशी भी वांछित थे। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने मीडिया के सामने आरोपितों को पेश करते हुए सिलसिलेवार ढंग से पूरा ब्योरा दिया।

पहले ही कर चुके थे वसूली

पूछताछ के दौरान आरोपित डा. शिवेश जायसवाल ने कबूल किया कि कांस्टेबिल पीएसी भर्ती की मेडिकल में असफल अभ्यार्थियों का री-मेडिक्ल टेस्ट 28,29 और 30 अगस्त को पुलिस लाईन वाराणसी परिसर में होना तय था। मेडिकल के दौरान असफल अभ्यर्थियों को पास कराने के लिये मैं व मेरी टीम ने पैसो का लेन देन किया था। जिससे हमारी टीम ने काफी पैसा कमाया था जिसको हमलोग आपस में मिलकर बांट लिया गया था। इस मामले की विवेचना के दौरान बच्चे की लिफ्ट में फंसकर मौत और शव को गायब करने के मामले में गिरफ्तारी पर वह जेल चला गया था।

Related posts