वाराणसी। मीरजापुर जेल में निरुद्ध अरबपति निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को कोर्ट से एक के बाद एक झटके लगते जा रहे है। अब तक तो शिकंजा इनके खिलाफ कस रहा था लेकिन अब सहयोगियों के दिन भी खराब होने लगे हैं। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) राजेश्वर शुक्ला की अदालत ने गुरुवार को चंदौली थाने के भ्रष्टाचार व लूट के मामले में दर्ज मुकदमे में आरएस यादव के सहयोगी व सरकारी चालक शिवबहादुर यादव की जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी। शिवबहादुर ही पहले आरएस यादव के लिए वसूली करते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था जिसके बाद उसके कदाचार का भंडाफोड़ होने के साथ कानून का शिकंजा कस गया।

कुछ इस रहा था घटनाक्रम

अभियोजन के एडीजीसी के अनुसार चंदौली जनपद के तत्कालीन सीओ सदर त्रिपुरारी पाण्डेय 8 जून को अपने कार्यालय से निकलकर चकिया तिराहे की तरफ आ रहे थे। उसी दौरान कुछ लोग हाइवे पर खड़ी ट्रक के चालक से विवाद कर रहे थे। जब सीओ मौके पर पहुंचे तो ट्रक चालक ने बताया कि वह लोग उससे अवैध पैसे की मांग कर रहे थे और न देने पर उसके ट्रक के कागजात व रुपये छीन लिया है। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम शिव बहादुर यादव व धनजी यादव बताया। साथ ही कबूल किया कि वह एआरटीओ के कहने पर ही वसूली कर रहे है। इस पर सीओ के निर्देश पर दोनों के खिलाफ चंदौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। लोअर कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सेशन में अपील की गयी थी।

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