वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में विकास कार्यो के लिए करोड़ो रुपये आ रहे हैं। केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार इसमें कोताही नही रही है। बावजूद इसके रामनगर- मुगलसराय मार्ग पर भीटी गांव के समीप जर्जर मार्ग व जलजमाव से लोगों का गुजरना दूभर हो गया है। कई बार आला अधिकारियों को इसे लेकर प्रार्थनापत्र दिये गये लेकिन कार्रवाई न होेते देख आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। हाड कंपाती ठंड में जहां लोग रजाई से नहीं निकलते वहां पानी में बैठ कर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में संभ्रांत लोगों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि उक्त मार्ग प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद वर्षों से खराब व जलमग्न हुए इस मार्ग की ओर किसी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं जाता है।

आंदोलन की दी चेतावनी

पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके इस मार्ग पर चलना दुश्वार हो गया है। आए दिन बच्चे-बूढ़े व महिलाए गिर कर चोटिल हो रहे हैं। दिन में तो किसी तरह लोग बच बचाकर निकल लेते हैं लेकिन रात में इस मार्ग से गुजरना लोहे के चने चबाने के बराबर होता है। ग्रामीणों द्वारा कई बार अधिकारियों को शिकायत की गई लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगा ।चेतावनी देते हुए कहा कि आज तो पानी में बैठ कर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर शीघ्र मार्ग को नहीं बनाया गया तो हम लोग उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस रास्ते से प्रतिदिन दर्जनों गांवों के ग्रामीण अपनी रोजी रोटी के लिए रामनगर व वाराणसी आते जाते हैं। यही नहीं मुगलसराय स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए भी लोग इस मार्ग से जाते हैं। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से सत्येंद्र सिंह बीनू, सुमित यादव, अखिलेश यादव, दिल्लू, गोलू, सोलु, दीपक, संतोष, राजेश, पिन्टू सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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