वाराणसी। विकास पुरुष के रूप में चर्चित गाजीपुर के सांसद मनोज सिन्हा ने इलाके में काम कराने के लिए खुले हाथों से धन आवंटित किया लेकिन सरकारी महकमें पैसा दवा कर बैठ गये। मनोज सिन्हा की निधि से होने वाली 115 परियोजनायें अपूर्ण हैं। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सांसद विकास निधि योजना के तहत होने की जानकारी पर नाराजगी जताते हुए युद्वस्तर पर अभियान चलाकर निमार्णाधीन परियोजनाओं को पूरा कराये जाने हेतु कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया। समीक्षा में स्पष्ट हुआ कि डीआरएम वाराणसी को अन्ध्रापुल के पास सांसद विकास निधि से कार्य कराये जाने हेतु 2013 में 2.97 करोड़ अवमुक्त होने के सापेक्ष 2015 में कार्य पूर्ण होने के बाद अवशेष 1.12 करोड़ की धनराशि वापस न किये जाने पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने रेलवे के अधिकारी को शीघ्र धनराशि वापस किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होने सांसद निधि योजनान्तर्गत विद्यालयों के लिये आवंटित धनराशि से कराये जाने वाले कार्य की प्रगति संतोषजनक न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया संबंधित विद्यालय प्रबन्धन के साथ बैठक कर आगामी 15 दिनों के अन्दर कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित कराये।

पीएम के क्षेत्र में पूरे नहीं हुए काम

कमिश्नर बुधवार को में सांसद विकास निधि योजनान्तर्गत अपूर्ण एवं निमार्णाधीन परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वाराणसी में 2082.50 लाख उपलब्ध धनराशि के सापेंक्ष 1802.10 लाख धनराशि के कार्यो की स्वीकृति जारी करते हुए 1592.60 लाख की धनराशि संबंधि कार्यदायी संस्थाओं को अवमुक्त किया गया। जिसके सापेंक्ष कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 776.15 लाख की धनराशि व्यय कर 740 में से 644 कार्य पूरा कराया जा चुका है। चन्दौली में 1447.10 लाख उपलब्ध धनराशि के सापेंक्ष 929.23 लाख धनराशि के कार्यो की स्वीकृति जारी करते हुए 752.49 लाख की धनराशि संबंधि कार्यदायी संस्थाओं को अवमुक्त किया गया। जिसके सापेंक्ष कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 712.95 लाख की धनराशि व्यय कर 340 में से 226 कार्य पूरा कराया जा चुका है। गाजीपुर में 1210.36 लाख उपलब्ध धनराशि के सापेंक्ष 609.32 लाख धनराशि के कार्यो की स्वीकृति जारी करते हुए 557.39 लाख की धनराशि संबंधि कार्यदायी संस्थाओं को अवमुक्त किया गया। जिसके सापेंक्ष कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 299.66 लाख की धनराशि व्यय कर 937 में से 822 कार्य पूरा कराया जा चुका है तथा जौनपुर में 1491.21 लाख उपलब्ध धनराशि के सापेंक्ष 575.56 लाख धनराशि के कार्यो की स्वीकृति जारी करते हुए 615.26 लाख की धनराशि संबंधि कार्यदायी संस्थाओं को अवमुक्त किया गया। जिसके सापेंक्ष कार्यदायी संस्थाओं द्वारा 586.14 लाख की धनराशि व्यय कर 115 में से 52 कार्य पूरा कराया जा चुका है। उन्होने वाराणसी में 96, चन्दौली में 114, गाजीपुर में 115 तथा जौनपुर में 63 सहित मण्डल में कुल 388 कार्य निमार्णाधीन होने की जानकारी पर गहरी नाराजगी जतायी तथा युद्वस्तर पर अभियान चलाकर कार्यो को पूरा कराये जाने का निर्देश दिया। जौनपुर में उप्र सिडको को 16 अक्टूबर 2017 को स्वीकृत परियोजनाओं में 33 को अपूर्ण होने के बाबत विभागीय अधीशासी अभियंता द्वारा अप्रैल, 2018 में धनराशि अवमुक्त होने की जानकारी पर कमिश्नर ने गहरी नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि धनराशि बिलम्ब से अवमुक्त किन परिस्थितियों में किया गया। इसकी जॉच कर रिर्पोट उपलब्ध कराये। उन्होने सिडको के अधिशासी अभियंता को भी हिदायत दी कि यदि धनराशि पूर्व में ही नियमानुसार समय से अवमुक्त हुआ होगा, तो कार्य में बिलम्ब होने के लिये उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्यवाही अवश्य किया जायेगा। जौनपुर में मछलीशहर के कुछ विद्यालयों में सुलभ शौचालय बनाये जाने हेतु 2015-16 में स्वीकृति के बावजूद अब तक कार्य पूर्ण न होने पर भी उन्होने नाराजगी जतायी तथा शीघ्र कार्य पूरा कराये जाने पर जोर दिया। उन्होने सांसद विकास निधि योजनान्तर्गत प्रस्ताव प्राप्त होने के 45 दिन के अन्दर स्वीकृति एवं धनराशि प्रत्येक दशा में अवमुक्त किये जाने का भी निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ वाराणसी गौरांग राठी, सीडीओ जौनपुर, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या सहित अन्य विभागीय एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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