वाराणसी। डीरेकाकर्मी टीके मुकेश की हत्या की गुत्थियां सुलझाने में पुलिस को जो जानकारी मिली है वह किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगी। आरोपित रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू राय की आलीशान कोठी किसी हवेली से कम नहीं हैं। बबलू चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। सिर्फ बबलू ही नहीं बल्कि आधा दर्जन से अधिक ऐसे कर्मचारी हैं जो किसी ने किसी से ‘जुड़े’ हैं और करोड़ों की वसूली में संलिप्तता है। पुलिस ने हत्या का खुलासा तो कर दिया लेकिन अब निशाने पर दूसरे भी आ चुके हैं। डीरेका मामले को लेकर खासे दबाव में है क्योंकि रिपोर्ट उपर तक जा रही है और इसके आधार पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

बिहार तक जारी है छापेमारी का सिलसिला

मुख्य आरोपित पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय समेत वारदात में शामिल दूसरे आरोपितों की तलाश में पुलिस की टीम बिहार तक छापेमारी कर रही है। बाहुबली पूर्व विधायक के करीबी कहे जाने वाला डब्लू मंड़ुवाडीह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। डेढ़ दशक पहले हत्या के मामले में नाम आने के बाद उसका आतंक डीरेका के आसपास शुरू हुआ था। इन दिनों दशा यह थी कि किसी जमीन से लेकर टेंडर तक की पंचायत में उसका दखल रहता था। सत्ता के समीकरणों को साधने के संग उसने कुछ ऐसा ताना-बाना बुना था कि कोई विरोध करने का हौसला नहीं जुटा पाता। पुलिस के मुताबिक पहली बार चुनौती टीके मुकेश के रूप में मिली जिससे बौखला कर दोनों भाइयों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

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