लखनऊ। कुछ साल पहले बाहुबली फिल्म के प्रथम भाग का क्लाइमेक्स खत्म हुआ था कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? कुछ इसी तरह माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी के मर्डर की मिस्ट्री हो गयी है कि सुनील राठी ने बजरंगी को क्यों मारा? लगभग ढाई माह पहले हुई वारदात में अब तक की जांच पुलिस की कहानी राठी के बयान पर चल रही थी लेकिन जेल से बरामद पिस्तौल की फोरेंसिक रिपोर्ट ने कहानी उलझा दी है। बरामद पिस्तौल से तो गोली चली ही नहीं थी। अब सुलगते सवालों का जबाव पुलिस के लिए गले की फांस साबित होता दिख रहा है। बहरहाल इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए एएसपी ने दोबारा जांच के लिए संस्तुति कर दी है। दूसरी तरफ एसपी बागपत शैलेश कुमार पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मेरे आने से पहले का केस है। अलबत्ता कबूल किया कि जेल शूटआउट केस में कोई रिपोर्ट सीएफएल से कुछ दिन पहले आई थी। इस पर कुछ आपत्ति लगाकर पहले एसपी ने वापस कर दिया था। दोबारा रिपोर्ट अभी नहीं आई और मैने रिपोर्ट देखी नहीं।

सुनील का था दावा, बजरंगी की पिस्टल छीन कर मारी गोली

तनहाई बैरक में 9 जुलाई की अल सुबह हत्या के बाद जेल में ही बंद शातिर सुनील राठी ने दावा किया था कि हत्या उसने की है। वजह पूछने पर सुनील ने कहा था, बजरंगी से बात करते समय विवाद होने पर उसने मुझे गोली मारने के लिए पिस्टल निकाला और मैंने उससे पिस्टल छीनकर उसी से हत्या कर दी। कहना न होगा कि पुलिस ने भी सुनील राठी की इस कहानी पर यकीन कर गटर से पिस्टल और गोलियां बरामद कर इसे मर्डर वैपन मानते हुए जांच को एक तरह से वहीं खत्म कर चुकी थी। पहले भी आशंका जतायी जा रही थी कि वारदात को अंजाम देने में कम से कम दो हथियारों का इस्तेमाल हुआ और इसमें एक से ज्यादा लोग थे।

admin

No Comments

Leave a Comment