वाराणसी। एसीजेएम (सप्तम) धीरेन्द्र सिंह की कोर्ट ने वादी और उसके भाई से धोखाधड़ी,जालसाजी,कूटरचना कर कई करोड़ की जमीन को धोखे में रखकर सट्टा करवाने, गाली गलौज देने और जान मारने की धमकी देने के मामले में तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए शिवपुर निवासी राकेश न्यायिक समेत 8 लोगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश एसओ शिवपुर को दिया है। कोर्ट ने यह आदेश सारनाथ हृदयपुर निवासी छेदीलाल के अधिवक्ता महेंद्रमोहन मिश्र की दलीले सुनने के बाद सोमवार को दिया।

विवाद खत्म कराने को मांगी थी हिस्सेदारी

वादी ने आवेदन में कहा कि वह आरोपी न्यायिक के यहां पेंटिंग का काम कर रहा था। उसकी जमीन गोइठहा, हृदयपुर,रजनहिया,सिंहपुर में है। इन जमीनों के बाबत अदालतों में लम्बित मामलो की जानकारी न्यायिक को हुई तब कहे कि विवाद समाप्त कराने पर 40 फीसदी अंश चाहिए। वादी उन पर विश्वास करके अपने भाई उदय नरायन शर्मा व रंपल्ट को लेकर न्यायिक के घर गया,14 मार्च 2013 याददाश्त प्रलेख नोटरी के जरिये राकेश श्रीवास्तव और उसके व भाइयो के मध्य हुआ,जिनमे उनके दो गवाहों रजनीश व विनय ने भी हस्ताक्षर किया। उसके बाद एक मई 2015 को रजिस्ट्री आफिस ले जाकर करोङो की जमीन को 5 लाख में विक्रय और एक लाख नगद देने की बात लिखकर रजिस्टर्ड सट्टा करा लिया जबकि एक रुपया भी न्यायिक और राकेश श्रीवास्तव ने नही दिया। इसमें बृजेश सिंह गवाह थे। इसी तरह अन्य आराजी का भी रजिस्टर्ड सट्टा करा लिया गया फिर बैनामा नहीं करने पर भाइयों समेत उसे गाली गलौज और जान मारने की धमकिया दी जाने लगी। इस मामले पुलिस द्वारा कुछ नही किये जाने पर 8 लोगो के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया गया जिसपर कोर्ट ने विवेचना का आदेश दिया।

पहले से मामला चल रहा है कोर्ट में

इस बाबत पूछा जाने पर राकेश न्यायिक का कहना था कि न तो परिवादी उनके यहां पेंट किया न ही कोई लिखा-पढ़ी उन्होंने करायी थी। जो खुद को गरीब पेंटर बता रहा है उसका लाखों का मकान है। अलबत्ता जमीन को लेकर धोखाधड़ी को लेकर विभिन्न थानों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। पेशबंदी के तहत मुकदमा कायम कराने के साथ उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है।

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