सपा के शासनकाल में 50 लाख से अधिक की 137 परियोजनाएं ‘घोटालों’ में अटकी! शासन को रिपोर्ट भेजेंगे कमिश्नर

वाराणसी। लगभग आठ साल पहले सूबे में सपा की सरकार बनी थी तो गाजीपुर और जौनपुर के नेताओं की ‘तूती’ बोलती थी। बावजूद इसके इन जिलों में आरम्भ हुई परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकी। यह चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब कमिश्नर दीपक अग्रवाल सोमवार को कमिश्नरी आॅडिटोरियम सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक में विकास एवं निर्माण कार्यों के प्रगति की विभागवार विस्तृत एवं गहन समीक्षा कर रहे थे। आंकड़ों से स्पष्ट हुआ कि 2013 से 2016 के मध्य 50 लाख के ऊपर धनराशि की मंडल के जनपदों में राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराए गये लगभग 500 करोड़ रुपए धनराशि की 137 परियोजनाएं अब तक आधी-अधूरी पड़ी हैं। कमिश्नर ने इस जानकारी को गंभीरता से लिया हैं और इस बाबत वे शीघ्र ही शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे।

इस वजह से पूरे नहीं हो सके काम

इन परियोजनाओं को वर्षों से आधा-अधूरा पड़े होने तथा कार्य की प्रगति के बाबत कमिश्नर द्वारा पूछे जाने पर विभागीय अभियंता द्वारा बताया गया कि गड़बड़ी एवं अनियमितता की जांच एसआईटी द्वारा किए जाने के कारण संबंधित परियोजनाओ पर कार्य रुका हुआ है। इस कारण फिलहाल इन परियोजनाओं को पूरा नहीं कराया जा सकता। आधा-अधूरा पड़े परियोजनाओं में चिकित्सा विभाग के सामुदायिक एवं प्राथमिक चिकित्सालय भवन, पर्यटन विभाग के कई कार्य, विद्यालय भवन, फूड हाउसिंग सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल है। सर्वाधिक परियोजनाएं जनपद गाजीपुर एवं जौनपुर की हैं जबकि कुछ ही काम वाराणसी-चंदौली के हैं। माना जा रहा है कि कमीशनखोरी और राजनेताओं के दखल के चलते ठेकेदारों ने पैसा ले लिया लेकिन काम नहीं किया जिससे काम अधूरे रह गये।

इनकी रही मौजूदगी

बैठक में डीएम वाराणसी कौशल राज शर्मा, डीएम गाजीपुर ओपी आर्या, डीएम जौनपुर दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ वाराणसी मधुसूदन हुलगी सहित मंडल के जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी तथा मंडलीय विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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