वाराणसी। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से सुर्खियों में है। ताजा मामला जुड़ा है परिसर में होने वाले रैगिंग को लेकर। रैगिंग और मारपीट के आरोप में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाओं पर रोक लगा दी है। जिन छात्रों पर निलंबन की गाज गिरी है, वे सभी विधि संकाय के छात्र हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर छात्रों के बीच चर्चा का बाजार गर्म है।

रैगिंग के नाम पर कर रहे थे मारपीट  

विधि संकाय के बीए एलएलबी के तृतीय वर्ष के एक छात्र ने एंटी रैगिंग सेल में शिकायत की थी कि उसके चतुर्थ वर्ष के कुछ छात्रों ने उसके साथ रैगिंग के नाम पर मारपीट की है। छात्र की इस शिकायत को एंटी रैगिंग सेल के चेयरमैन ने गंभीरता से लिया और कार्रवाई के लिए विधि संकाय के डीन को खत लिखा। बताया जा रहा है की जांच के दौरान मामला सही पाए जाने पर गुरुवार को विभागाध्यक्ष व संकायाध्यक्ष ने रैगिंग के आरोप में छह छात्रों को निलंबित करते हुए कक्षा में प्रवेश से रोकने के साथ ही विश्वविद्यालय की सभी सुविधाओं से वंचित कर दिया है। इसमें एक पूर्व छात्र भी शामिल हैं।
इसके अलावा चाणक्य हॉस्टल में रहने वाले दो छात्रों को हॉस्टल की सुविधाओं से भी वंचित कर दिया गया है। बीए एलएलबी चतुर्थ वर्ष के जिन छात्रों पर रैगिंग के आरोप में कार्रवाई हुई है, उनमें शिवम पचौरी, राहुल त्रिपाठी, शुभम कुमार भारती (पूर्व छात्र), प्रणव राजनेगी, कुमार अभिषेक और मनीष मणि का नाम शामिल हैं।

चीफ प्रॉक्टर के बयानों से मामला उलझा

हालांकि चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह इस मामले को मारपीट से जोड़ रही हैं। उनके मुताबिक चतुर्थ और पंचम वर्ष के छात्रों में मारपीट हुई थी। इसके बाद ये कार्रवाई की गई है। हाल के दिनों में बीएचयू में मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले ही बिड़ला हॉस्टल के छात्रों ने अय्यर हॉस्टल के छात्रों के साथ मारपीट की थी।

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