कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर उठाये सवाल, ज्ञानवापी-विश्वनाथ मंदिर परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने का मामला

वाराणसी। ज्ञानवापी-विश्वनाथ मंदिर परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण की अपील पर सोमवार को सुनवाई टल गई। दरअसल सुनवाई के दौरान विपक्षी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद तथा सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर इस आशय का मुद्दा उठाया गया कि वक्फ न्यायाधिकरण के गठन के बाद अब उक्त मामले की सुनवाई का सिविल जज (सीनियर डिवीजन-फास्टट्रैक) की अदालत को क्षेत्राधिकार नहीं है। अदालत ने उक्त मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी तिथि मुकर्रर की है।

लंबे समय के बाद शुरू हुई है सुनवाई

गौरतलब है कि लंबे से लंबित चल रहे इस मुकदमे की सुनवाई पिछले माह से सिविल जज (सीनियर डिवीजन -फास्ट ट्रैक) आशुतोष तिवारी की अदालत में एक बार फिर से शुरू हुई है। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से अधिवक्ता एकलाख अहमद तथा सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता तौहीद खां ने की ओर से दलील दी गई कि इस संदर्भ में अदालत में पूर्व में प्रार्थना पत्र दिया गया जिसका अभी तक निस्तारण नहीं हुआ है। दाखिल उन प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण के बाद ही अग्रिम कार्यवाही अमल में लायी जाए। अदालत ने विपक्षियों की प्रार्थना पत्र पर अग्रिम सुनवाई के लिए 20 फरवरी की तिथि मुकर्रर कर दी।

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