जौनपुर। मरकजी सीरत कमेटी के तत्वाधान में शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तानाशाही रवैये के चलते इजराइल की राजधानी येरुशलम घोषित किये जाने के विरोध में मुस्लिम समाज ने एक मंच पर आकर नगर के कोतवाली चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया और चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट के हाथों सौंपा। इससे पूर्व कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मौलाना वसीम अहमद शेरवानी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया में तानाशाह बनकर अपनी हुकूमत चलाने का काम कर रहे है। उन्होंने जिस तरह इजराइल की राजधानी येरुशलम को घोषित किया है वो गलत है। येरुशलम का पूरा हिस्सा फिलिस्तीनियों का है और उसी जगह पूरा किब्ला मस्जिद ए अक्सा है। जबकि अमेरिका व यहुदियों की पॉलिसी रही है कि मुस्लिमों को नीचा दिखाया जाय और मस्जिद ए अक्सा को नुकसान पहुंचाया जाय। इससे नाराज होकर पूरे विश्व के मुस्लिम समुदाय में गम और गुस्से का माहौल बना हुआ है आज हम सब उसी का विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे है।

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जमा हुए हजारों मुस्लिम

शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना महफुजूल हसन खां ने कहा कि अमेरिका एक तरफ आतंकवादियों को पनाह देता है और दूसरी तरफ हमारी मस्जिदों को नुकसान पहुंचाकर जज्बातों से खेलने का कार्य कर रहा है। ऐसे में हम सब एक होकर अमेरिका के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि भारत के एक अमन पसंद देश है और हम यहां के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से यह मांग कर इसमें हस्तक्षेप करने की गुजारिश की। इस मौके पर मदरसा हुसैनिया के मौलाना तौफिक अहमद कासमी, मदरसा हनफिया के मौलाना मोइनुद्दीन अहमद जाफरी, मौलाना मुर्तुजा मदनी, मौलाना कयामुद्दीन, मौलाना आफाक, मौलाना कारी जिया सहित अन्य लोगों ने भी अमेरिका के खिलाफ मुस्लिम समाज की साजिश को उजागर किया।

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