नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी ने आखिरकार अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया। बिहार के गवर्नर रामनाथ कोविंद (71) एनडीए के कैंडिडेट होंगे। वे 23 जून को नॉमिनेशन फाइल कर सकते हैं। कोविंद यूपी से ताल्लुक रखते हैं और दलित हैं। वे अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी माने जाते हैं। सोमवार को बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड की 45 मिनट चली मीटिंग के बाद उनके नाम पर फैसला हुआ। मीटिंग के बाद अमित शाह ने कहा कि मोदीजी ने खुद सोनियाजी और मनमोहन सिंहजी से बात की है। सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं को फैसले के बारे में बताया गया है। सोनियाजी ने बताया कि वे बातचीत के बाद आगे का फैसला करेंगी।
कौन हैं रामनाथ कोविंद
रामनाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को हुआ था। वे कानपुर के डेरापुर तहसील के गांव परौंख के रहने वाले हैं। पेशे से एडवोकेट कोविंद 1994 से 2006 के बीच दो बार राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं। वे 1998 से 2002 के बीच बीजेपी दलित मोर्चा के प्रेसिडेंट और आॅल इंडिया कोली समाज के प्रेसिडेंट भी रहे। बीजेपी के नेशनल स्पोक्सपर्सन भी रह चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि हमने सभी पार्टियों को इन्फॉर्म कर दिया है। वो आपस में चर्चा करके फैसला लेंगे। उप राष्ट्रपति पर कोई चर्चा नहीं हुई। उद्धव ठाकरे को भी नाम बता दिया गया है। मुझे लगता है कि सभी पार्टियां समर्थन करेंगी। मैं किसी और पार्टी के बारे में कुछ नहीं कह सकता। पीएम ने खुद सोनिया गांधीजी से बात की है। मनमोहन सिंह जी से बात की है। सभी को इस फैसले को बताया गया है। रामनाथ दलित और पिछड़े वर्गों के लिए हमेशा संघर्ष करते रहे हैं।
सोनिया से मिले थे बीजेपी नेता
16 जून को राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। 10 जनपथ पर इन नेताओं के बीच करीब 30 मिनट चर्चा हुई। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी की तरफ से कोई नाम नहीं आया। जब तक नाम नहीं आता, चर्चा का सवाल ही पैदा नहीं होता। बीजेपी के दोनों नेता इसके बाद सीपीएम के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी से भी मिले। येचुरी ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को सपोर्ट करने के लिए एक शर्त रखी कि जिसे भी कैंडिडेट बनाएं, वह सेक्युलर सोच वाला होना चाहिए।
ऐसा होगा राष्ट्रपति चुनाव
4896 वोटर राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे। इनमें 4120 विधायक और 776 सांसद शामिल हैं। 20 आप के विधायकों के खिलाफ हाउस आॅफ प्रॉफिट के मामले में केस चल रहा है, लेकिन इलेक्शन कमीशन का कहना है कि आज की बात करें तो ये लोग वोट डाल सकेंगे। 12 नॉमिनेटेड राज्यसभा मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके अलावा, लोकसभा में दो एंग्लो-इंडियन कम्युनिटी के नॉमिनेटेड मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे। 10 खाली सीटें हैं राज्यसभा की, जिनके लिए चुनाव की घोषणा राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही की जाएगी।

admin

No Comments

Leave a Comment