‘लक्खा’ इनामी हो चुके पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड की सम्पति कुर्क करने की तैयारी, कभी चलता था सिक्का लेकिन बने ऐसे हालात

आजमगढ़। सूबे में सरकार सपा की हो या बसपा की लेकिन पूर्व ब्लाक प्रमुख अखंड प्रताप सिंह का उनके क्षेत्र में सिक्का चलता था। हाल यह थे कि किसी समय थानेदारों की तैनाती उनके फोन पर हो जाती थी लेकिन भाजपा के शासन में दशा यह है कि एक लाख का इनाम घोषित होने के बाद इलाकाई एसओ सम्पति कुर्क करने की मुनादी कराता दिखा। पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर अतरौलियां से मैदान में उतरे अखंड ने सपा प्रत्याशी संग्राम यादव को कड़ी चुतौती दी थी। कैबिनेट मंत्री रह चुके बलराम यादव के पुत्र से चुनाव हारने के बाद वह फिर से फरार चल रहे हैं।

दर्जनों संंगीन मामलों के हैं आरोपित

गौरतलब है कि जमुआ गांव (तरवां) निवासी अखंड प्रताप सिंह के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं। बाहुबली की छवि इलाके में रही है साथ ही जरायम जगत से जुड़े लोगों से रिश्ता बताया जाता है। चुनाव के समय खुद को बसपा प्रमुख मायावती के करीबी के रूप में प्रचारित करना भी इनको जीत नहीं दिला सका। चुनाव के बाद फरारी के चलते इनाम की शुरूआत 25 हजार से हुई जो अब बढ़ते हुए एक लाख पर पहुंच चुकी है। गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगायी गयी लेकिन सुराग नहीं मिला तो सीआरपीसी की धारा 82 के प्राविधानों के तहत कुर्की की मुनादी करायी गयी।

बैकफुट पर पार्टी, नहीं दे पा रही सफाई

एक तरफ पुलिस अखंड को फरार घोषित करने के साथ डुगडुगी बजवाते फिर रही है तो वहीं दूसरी तरफ बसपा जिलाध्यक्ष अरविद कुमार ने स्वीकार किया कि अखंड प्रताप सिंह पार्टी से जुड़े हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। अलबत्ता एसपी प्रो. त्रिवेणी ंिसह का कहना था कि अखंड पर तीन दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमें दर्ज हैं। उसपर एक लाख का ईनाम पहले से घोषित है। अब उसके कुर्की की कार्रवाई शुरू की गयी है। गिरफ्तारी के लिए गजटेड आफिसर के नेतृत्व में टीम बनायी गयी है जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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