मीरजापुर। चड़िया गांव (कछवां) में जल जमाव एवम पशु का नाद रखने को लेकर यादवों और सरोज बिरादरी के बीच खून संंघर्ष गया। जबरन सरकारी जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर चली गोली में ललदेई यादव (55) की मौत हो गयी । एक ही पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग लाठी डंडे के प्रहार में गंंभीर रूप से घायल हो गये। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक के साथ दो लोगो को हिरासत में लिया है। इस मामले में फरार एक आरोपित की तलाश की जा रही है जबकि घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस की तत्परता से विवाध थम तो गया है लेकिन तनाव बरकरार है।

पीडब्ल्यूडी की जमीन पर हो रहा था कब्जा

गांव ले सटी पीडब्ल्यूडी के जमीन पर एक पक्ष यादव बन्धु अपने पशु बांधते थे। वहां जल जमाव को देखते हुए मिट्टी डाली जा रही थी और आज उस पर नाद रखने की तैयारी हो रही थी। इस दौरान सरोज बिरादरी के लोगो ने प्रतिरोध किया। साथ ही कहा कि अब न तो पशु बंधेगे न ही नाद रखा जाएगा। इस पर दोनों पक्ष की महिलाओं में विवाद होने लगा। आरोप है कि पूर्व प्रधान पति ने लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। नजदीक से चली गोली पेट फाड़ते हुए बाहर निकल गई। महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वारदात के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज धनंजय पांडे और थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने लोगों को समझा कर मामला शांत कराया। आरोपियों को लाइसेंसी बंदूक सहित हिरासत में ले लिया गया। तनाव को देखते हुए फोर्स लगायी गयी है।

admin

No Comments

Leave a Comment