लखनऊ। प्रान्तीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को आश्वासन का झुनझुना पिछली सरकारे थमाती रही है। आरोप है कि लंबे समय से उनकी वाजिब मांगों को लेकर अनदेखी हो रही है। पीपीएस संघ ने बुधवार की पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह से मिल कर विभिन्न मांगों को लेकर प्रत्यावेदन सौंपते हुए इसमें हस्तक्षेप की गुहार लगायी है। डीजीपी ने प्रान्तीय पुलिस सेवा संघ के अधिकारियों को यह आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कर प्रत्यावेदन में उल्लिखित मांगो पर विचार करते हुये समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
पीपीएस संवर्ग की यह है प्रमुख मांगे
डीजीपी को दिये प्रत्यावेदन में पीपीएस संवर्ग में सर्वोच्च वेतनमान के पदों की मांग की गयी है। इसके अलावा रिक्त चल रहे 48 आईपीएस पदों पर पीपीएस अधिकारियों के पदोन्नति की मांग के अलावा पीपीएस से आईपीएस में प्रोन्नति का कोटा 33 प्रतिशत से 50 प्रतिशत बढ़ाने की गुहार लगायी गया है। डिप्टी एसपी से एएसपी के पद पर पदोन्नति हेतु पूर्व की भांति 8 वर्ष में किये जाने, पीपीएस संवर्ग के सभी वेतनमान के कुल पदों पर 50 प्रतिशत पदोन्नति से भरने तथा पीपीएस संवर्ग की निश्चित सेवा अवधि पूर्ण करने पर बढ़ा हुआ वेतनमान दिये जाने की मांग की गयी है। दूसरी प्रान्तीय सेवाओं की तरह शासन में पीपीएस का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील की गयी है।
प्रतिनिधिमंडल में ये थे शामिल
डीजीपी को प्रत्यावेदन सौंपने वालों प्रान्तीय पुलिस सेवा संघ उप्र के अध्यक्ष अजय कुमार, महासचिव एएसपी दिनेश यादव, दिनेश कुमार सिंह व विनय चन्द्रा, कोषाध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, पदेन सदस्य प्रद्युम्न सिंह, सर्वेश कुमार मिश्रा, सुश्री बबिता सिंह एवं अभय कुमार मिश्र शामिल थे।

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